वन मंत्री-ACS के झगड़े के बीच फंसी 150 से ज्यादा फाइलें, CM माॅनिट के मामले भी रुके

भोपाल।

बीते दिनों वन मंत्री उमंग सिंघार और अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के बीच बढ़ी अनबन ने अब विकराल रुप ले लिया है। जिसका असर अब विभाग के कामों पर पड़ने लगा है। वर्तमान में डेढ़ सौ से ज्यादा फाइलें अटकी हुई हैं, जिनमें कोर्ट केस की फाइलें भी शामिल हैं।इसके अलावा इनमें कई महत्वपूर्ण फाइलें भी शामिल हैं। खासतौर पर सीएम माॅनिट से जुड़ी ‘के प्लस’ वाली फाइलें भी हैं, जिन्हें रोक दिया गया है।ऐसे में विकासकार्यों पर बुरा असर पड़ने लगा है।कामकाज ठप्प पड़ा है।

दरअसल, बीते महिनों प्रदेश के वन मंत्री सिंघार ने अपर मुख्य सचिव के अधिकार छीनकर उनके अधीनस्थ अफसर को अधिकार दे दिए थे।  मंत्री सिंघार ने कार्यपालिका अनुच्छेद 13 का उपयोग करते हुए कार्य का विभाजन किया था। जिसके बाद से ही ये विवाद चल रहा है।लेकिन अब इस विवाद का असर विभाग के कामों पर पड़ने लगा है और फाइल आगे बढ़ने की बजाए झगड़ों में अटक गई है। इनमें कई महत्वपूर्ण फाइलें शामिल हैं। खासतौर पर सीएम माॅनिट से जुड़ी ‘के प्लस’ वाली फाइलें भी हैं, जिन्हें रोक दिया गया है। मुख्य सचिव एसआर मोहंती को इस स्थिति से अवगत कराया तो मामला मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंच गया। चूंकि अभी तक इस खींचतान का पटाक्षेप नहीं हुआ, लिहाजा एसीएस ऑफिस में फाइलें ठंडे बस्ते में चली गई हैं।उधर, यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में विभाग से आने वाली फाइलें एसीएस के माध्यम से ही भेजी जाएगी।

ये फाइले अटकी

-मुकुंदपुर पार्क से जुड़े मामले में आईएएस अधिकारी पीके सिंह की विभागीय जांच पर फैसला।

-वन मुख्यालय की ओर से एपीसीसीएफ समन्वय द्वारा मुख्यमंत्री  माॅनिट की ‘के प्लस’ वाली फाइल।

-आईएफएस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की फाइलें ।

-आईएफएस अधिकारी जेएस चौहान की फाइल ।

-पौधरोपण की जांच भी ईओडब्ल्यू को सौंपे जाने की फाइल

– प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ आरडी शर्मा का मामला।

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