तीसरी लहर से पहले अलर्ट, सीएम शिवराज बोले-1 पॉजिटिव मिला तो 25 की करेंगे कांटेक्ट ट्रेसिंग

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (Coronavirus Third Wave) के कष्टों को हम भुलायें नहीं।

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम शिवराज सिंह चौहान ( Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि राज्य शासन कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना करने के लिए हर संभव तैयारी कर रही है। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए टेस्टिंग और ट्रेसिंग सघन रूप से जारी हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 75 हजार से अधिक टेस्ट हो रहे हैं। यदि 1 व्यक्ति पॉजिटिव मिलता है तो 25 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।इसका उद्देश्य संक्रमण बढ़ने की किसी भी स्थिति को तत्काल नियंत्रित करना।

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सीएम शिवराज सिंह ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (Coronavirus Third Wave) के कष्टों को हम भुलायें नहीं। कोरोना अभी गया नहीं है। यह सच है कि प्रदेश में प्रकरण कम हो रहे हैं। तीन दिन पहले प्रदेश में 38 प्रकरण थे, कल 40 थे और आज 43 हो गये। यह भी कटु सत्य है कि कोरोना का डेल्टा प्लस वेरियंट (Delta Plus variant) कई देशों में कहर बरपा रहा है। केरल और महाराष्ट्र में कोरोना प्रभावितों की संख्या बढ़ रही है। लॉकडाउन बचाव का स्थाई समाधान नहीं है। इससे कई घरों के रोजगार और कारोबार टूट जाते हैं। सावधानी में ही सुरक्षा है।

दरअसल, आज सीएम शिवराज सिंह चौहान काटजू सिविल अस्पताल के 200 बिस्तरीय डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में उन्नयन उपरांत लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. कैलाश नाथ काटजू सिविल अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में विकसित करना इसी दिशा में एक कदम है।  तीसरी लहर का सामना करने के लिए भी राज्य सरकार, जन-प्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाएँ सभी साथ हैं।

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सीएम शिवराज सिंह  ने कहा कि काटजू डेडिकेटड अस्पताल के उन्नयन में केयर इंडिया संस्थान का सहयोग रहा है। समाज के प्रति दायित्व और सेवा-भाव से संस्था द्वारा अस्पताल का संचालन किया जायेगा। राज्य शासन की ओर से संस्थान को किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जायेगा। अन्य स्थानों पर भी स्वयंसेवी और निजी संस्थाओं से इस प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। टीकाकरण (corona vaccination)कोरोना से बचाव का सशक्त उपाय है। जिन लोगों ने पहली डोज लगवाई है वे निश्चित समय के बाद टीके की दूसरी डोज अवश्य लगवायें।

ऐसी रहेगी अस्पताल में व्यवस्था

  • डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल कुल 6 हजार वर्ग मीटर भूमि पर निर्मित हुआ है।
  • सिविल अस्पताल भवन में आधारतल, भू-तल सहित कुल पाँच तल निर्मित हैं, जिसका निर्माण क्षेत्र 15 हजार 920 वर्ग मीटर है।
  • मरीजों की सुविधा की दृष्टि से भवन में 3 लिफ्ट एवं रैम्प इत्यादि की सुविधा उपलब्ध है।
  • डेडिकेटेड कोविड अस्पताल का संचालन अधीक्षक, डॉ. कैलाश नाथ काटजू सिविल अस्पताल द्वारा किया जायेगा।
  • इस अस्पताल के संचालन से स्थानीय स्तर पर आमजन को कोविड-19 का गुणवत्तापूर्ण और स्तरीय उपचार नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सकेगा।
  • मेडिकल कॉलेज तथा अन्य अस्पतालों पर कोरोना मरीजों से आने वाले भार में कमी आयेगी।
  • कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की चुनौती का सामना करने में इस अस्पताल का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
  • डेडिकेटेड अस्पताल में कुल 200 बिस्तरों में से 50 बिस्तर पर सुसज्जित गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) संचालित की जायेंगी।
  • इसमें वेन्टीलेटर, सक्शन, ऑक्सीजन, औषधि, समस्त आवश्यक उपकरण, जाँच की सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार की सुविधा 24X7 उपलब्ध रहेगी। सेंटर में 150 बिस्तरीय ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स की व्यवस्था भी है।
  • संस्था में उपकरण, औषधि, सामग्री राज्य शासन तथा केयर इंडिया द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं।
  • समस्त बिस्तरों पर सेन्ट्रलाईज पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन सुविधा रहेगी।
  • ऑक्सीजन प्लांट शासन मद और अमेरिकन इंडिया फाउण्डेशन के सहयोग से स्थापित किये जा रहे हैं।
  • वर्तमान में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए 300 जम्बो सिलेण्डर्स की व्यवस्था की गयी है।
  • एक किलो लीटर की क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक भी स्थापित किया गया है।
  • केयर इंडिया द्वारा 5 विशेषज्ञ चिकित्सक, 28 मेडिकल ऑफिसर, 38 स्टॉफ नर्सेस, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, लैब सुविधा, सी.टी. स्केन के भुगतान की व्यवस्था के लिए सहयोग किया जायेगा।