कर्नाटक में फिर दोहरा रहा पिता पुत्र दोनों मुख्यमंत्री का इतिहास

बेंगलुरु, डेस्क रिपोर्ट। सोमप्पा रायप्पा बोम्मई के बाद अब उनके बेटे बसवराज बोम्मई कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। कर्नाटक के 11वे मुख्यमंत्री रह चुके स्वर्गीय एसआर बोम्मई 13 अगस्त 1988 से 21 अप्रैल 1989 तक मुख्यमंत्री रहे। अब उनके बेटे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इसके पहले एचडी देवगौड़ा कर्नाटक के चौदहवें मुख्यमंत्री के रूप में 1994 से 1996 तक और उनके बाद उनके बेटे एचडी कुमार स्वामी 23 मई 2018 से 23 जुलाई 2019 तक मुख्यमंत्री रहे।

सीएम शिवराज के निर्देश- “किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण हो”

कर्नाटक के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई अब नए मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई है, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। बुधवार की दोपहर वे सीएम पद की शपथ लेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद शाम 7:00 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक बेंगलुरु में हुई। इस बैठक में येदियुरप्पा ने गृह मंत्री बसवराज बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

बोम्मई बुधवार की दोपहर 3:20 पर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। उनकी अपनी समृद्ध राजनीतिक पृष्ठभूमि है। उनके पिता एसआर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट बसवराज बोम्मई में जनता दल के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की और धारवाड़ से 98 और 2009 में विधान परिषद के लिए चुने गए 2008 में भी बीजेपी में शामिल हुए और इस साल हावेरी जिले के शिगगांव निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। कर्नाटक राज्य में सिंचाई के कई प्रोजेक्ट शुरू करने की वजह से उनकी तारीफ होती रही है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100% पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी उन्हीं को है। वे मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के चहेते और शिष्य हैं और येदियुरप्पा ने उनका नाम अपने पद से इस्तीफा देने के पहले सुझाया था। बसवराज बोम्मई भी लिंगायत समुदाय से आते हैं और इसीलिए उनके नाम पर मठाधीश सब राजी हो गए हैं। बोम्मई संघ के भी काफी नजदीक हैं और यह द्रोपा और संघ के बीच की कड़ी के रूप में काम करते रहे हैं। उनका चुनाव कर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने लिंगायत समुदाय और येदियुरप्पा दोनों को साध लिया है।