प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब बनेगा कोविड केयर सेंटर

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल एमवाय को आखिरकार कोविड केयर सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। दरअसल, हर रोज बढ़ते संक्रमितों को इलाज मिले इस बात को ध्यान में रखकर सरकार और प्रशासन ने फैसला लिया है। शुक्रवार को इंदौर के एमवाय अस्पताल का इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, सहित बीजेपी नेताओं और प्रशासन के अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

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प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब बनेगा कोविड केयर सेंटर

अस्पताल की ऊपरी दो मंजिल को 100 बेड के कोविड केयर सेंटर में तब्दील किया जायेगा जहां कोरोना संक्रमण से ग्रसित गम्भीर लोगो का इलाज किया जाएगा। प्रदेश के कैबिनेट और इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि सोमवार-मंगलवार से यहां कोरोना मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल में आईसीयू के 20 बेड, एनआईसीयू के 40 और आक्सीजन वाले 40 बेड रहेंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ऊपरी दो मंजिल पर पूरी तरह से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराते हुए मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री तुलसी सिलावट ने एमवाय अस्पताल के दौरे के साथ ही चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय का भी दौरा किया जहां बच्चों के लिए उचित उपचार मुहैया कराया जाने की तैयारी है। इसे लेकर भी तुलसी सिलावट ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है ताकि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना परिजनों को ना करना पड़े।

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर दो दिनों के अंदर कोविड केयर सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। दो दिनों में नॉन कोविड व कोविड हॉस्पिटल को अलग-अलग कर इसे सुरक्षित रूप से संचालित किया जाएगा।
बता दें कि कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कुछ समय पहले एमवाय अस्पताल का दौरा कर कोविड केयर सेंटर बनाने की मांग सरकार से की थी। शनिवार को सरकार के प्रभारी मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के बाद एमवाय अस्पताल को कोविड केयर सेंटर में तब्दील करने की कवायद शुरू हो गई है।