
इंदौर, आकाश धोलपुरे। महू में एक प्लायवुड कारोबारी के बेटे ने अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बना ली। उसने कोरोना की फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार कर उसे पत्नी को भेज दिया और कह दिया कि वह कोविड सेंटर में भर्ती है। एक माह से ज्यादा समय होने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा तो पत्नी को शक हुआ और उसने अपने पिता को रिपोर्ट की जांच के लिए भेजा। दामाद की रिपोर्ट के बारे में लैब से तहकीकात की तो पता चला कि रिपोर्ट ही फर्जी है। अब लैब ने कारोबारी के बेटे पर शुक्रवार को FIR दर्ज कराई है।
पूरा मामला छोटी ग्वालटोली थाने के पास सेन्ट्रल लैब का है। पुलिस के मुताबिक इसी साल फरवरी में प्लायवुड कारोबारी के बेटे एजाज अहमद की शादी हुई थी। बताया गया है कि शारीरिक कमजोरी के कारण दोनों का वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण चल रहा है। इसी वजह से उसकी पत्नी से अनबन होने लगी तो वह पत्नी से दूर रहना चाह रहा था। उसने 25 मई को एक फोटोशॉप एप डाउनलोड किया और इंदौर के सेंट्रल लैब के एक पीड़ित व्यक्ति की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट अपने नाम से बदलकर परिवार को दिखा दी। इससे कोरोना पॉजिटिव मानकर पत्नी और परिवार वाले उससे दूर हो गए।
लंबा समय बतने पर एजाज की पत्नी को शक हुआ कि वे घर पर ठीक थे और कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं थे। एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद पत्नी ने अपने पिता को इस रिपोर्ट की जांच करने को कहा। पिता ने तुरंत सेंट्रल लैब की वेबसाइट से उसका टोल फ्री नंबर तलाशा और लैब द्वारा एसआरएफ आईडी नंबर चेक कराया। लैब की तरफ से बताया कि कोविड रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ कर मरीज के नाम की जगह एजाज ने अपना नाम एडिट किया है। वहीं रिपोर्ट की कॉपी आने पर सेंट्रल लैब की संचालिका विनीता कोठारी ने थाने में शुक्रवार को शिकायत की। इस पुलिस ने एजाज के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।
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पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

