बड़ी दुर्घटना: चट्टान खिसकने से 36 लोगों की मौत, 80-90 शव के मलबे में दबे होने की आशंका

मामले में मुख्यमंत्री ने इसे अनेपक्षित संकट बताया है। वहीं उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

मुंबई, डेस्क रिपोर्ट।  लगातार हो रही बारिश (mumbai rain) की वजह से कई गांवों में  चट्टान खिसकने से 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। दरअसल मुंबई के मलाड (malad) के पास एक बड़ी दुर्घटना घटी है। रायगढ़ के मलाड के तिलैया गांव में चट्टान खिसकने से 36 लोगों की मौत हो गई है। इस मामले में जिलाधिकारी निधि चौधरी (nidhi chaudhary) ने उन मौतों की पुष्टि की है।

मामले में जिलाधिकारी निधि चौधरी का कहता है कि 35 घरों पर पहाड़ से चट्टान टूट कर गिरे हैं जिससे एक पूरा गांव तबाह हो गया है। वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक इन 35 घरों से हर घर से 3 से 4 सदस्य भी हो तो कम से कम मलबे के नीचे 80 से 90 सदस्यों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

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दरअसल मुंबई में अत्यधिक बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। घटनास्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर और गिरीश महाजन के मुताबिक मलबे के नीचे 40 से 45 शव के होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह घटना 2005 के माली घटना से ज्यादा भयानक हो सकती है।

वहीं मुंबई के ही सतारा के अंबेडकर में चट्टान खिसकने से 12 लोगों की मौत हो गई है। घटना गुरुवार शाम 4:00 बजे घटी है जबकि शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे तक रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है। इस मामले में प्रवीण दरेकर का कहना है कि ना ही फायर ब्रिगेड की टीम आई है, ना ही राहत कार्य से जुड़ी कोई टीम अभी तक बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों द्वारा अधिक शवों को मलबे से बाहर निकाला गया है।

इस मामले में जिलाधिकारी निधि चौधरी का कहना है कि प्रशासन को गुरुवार 5:30 बजे सूचना मिली। कल NDRF की टीम को सूचना दे दी गई थी लेकिन रात को हेलीकॉप्टर न पहुंच पाने की वजह से और अत्यधिक बारिश के कारण रास्ते खराब हो चुके हैं। जिसके कारण रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में दिक्कत आ रही है। मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे अनेपक्षित संकट बताया है। वहीं उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।