मप्र पंचायत चुनाव 2021: अब 5 दिसंबर तक दावे-आपत्ति, स्टैण्डिंग कमेटी गठित, बैठक आज

इस संबंध में पंचायत राज संचालनालय ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण लॉटरी निकाल कर होगा।

पंचायत चुनावों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों (MP Panchayat Election 2021) की तारीखों का ऐलान 15 दिसंबर के बाद कभी भी हो सकता है। एक तरफ जहां पंचायत राज संचालनालय ने प्रदेश की 52 जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण 14 दिसंबर 2021 को कराने को लेकर कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।वही भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 के लिए दावे, आपत्तियों प्राप्ति की तिथि को बढ़ाकर 05 दिसम्बर 2021 तक कर दिया है। इसके अलावा मप्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज 03 दिसम्बर 2021 को शाम को बैठक बुलाई गई है।

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दरअसल, मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों (MP Panchayat Election 2021) की तैयारियां जोरों पर चल रही है।प्रदेश की 52 जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण 14 दिसंबर को किया जाएगा। पंचायत राज संचालनालय मप्र भोपाल द्वारा जारी सूचना के अनुसार मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 32 एवं मप्र पंचायत (उप सरपंच, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष) निर्वाचन नियम 1995 के अनुसार जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की कार्यवाही के लिए 14 दिसम्बर 2021 की तिथि नियत की गई है। इस संबंध में पंचायत राज संचालनालय ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण लॉटरी निकाल कर होगा। आरक्षण की संपूर्ण कार्यवाही जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) कलियासोत डेम के पास भोपाल में शुरू होगी। आरक्षण की कार्यवाही की सूचना जिला और पंचायत कार्यालयों में चस्पा करें।

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इसके अलावा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 के लिए दावे, आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 05 दिसम्बर 2021 तक बढाई गई है।इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 01 दिसम्बर, 2021 से 05 दिसम्बर, 2021 के मध्य घर-घर जाकर चिन्हित ऐसे मतदाताओं से दावे प्राप्त करें, जो अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2022 के आधार पर 18 वर्ष के हो गए हैं। उनके आवदेन गरूड एप्प (GARUDA App ) के माध्यम से दर्ज करना सुनिश्चित करें।इस अवधि में ऐसे पात्र मतदाता, जिनकी आयु एक जनवरी, 2022 को अथवा उससे पूर्व 18 वर्ष पूर्ण हो गई है और मतदाता-सूची में उनके नाम दर्ज होने से शेष हैं, तो संबंधित क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी द्वारा उनके घर जाकर सम्पर्क कर आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। मतदाता-सूची में नाम शामिल करवाने के लिए वोटर हेल्प लाइन एप डाउनलोड कर मोबाइल के माध्यम से भी अपना नाम जोड़ा जा सकता है।

आज शाम आयोग की बैठक

इसके अलावा चुनावों की तैयारियों के संबंध में आज मप्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 03 दिसम्बर 2021 को अपरान्ह 04 बजे से शाम 06 बजे तक वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। वीडियो कॉफ्रेंस में उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निर्वाचन, सीईओ जिला पंचायत, जिला सूचना अधिकारी, जिला ई-गर्वनेन्स प्रबंधक तथा निर्वाचक अधीक्षक शामिल होंगे।

जिला स्तरीय स्टैण्डिंग कमेटी गठित

सतना कलेक्टर (Satna Collector) एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कटेसरिया द्वारा पंचायत चुनाव 2021-22 में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए जिला स्तर पर स्टैण्डिंग कमेटी का गठन किया गया है। जारी आदेशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, समस्त तहसीलदार, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं जनसंपर्क अधिकारी सतना को सदस्य नियुक्त किया गया है।

2 याचिका भी दायर, 4 दिसंबर को सुनवाई

इसके अलावा पंचायत अधिनियम में किए गए संशोधन को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव शर्मा द्वारा दायर याचिका में बताया गया है कि यह संशोधन संविधान की धारा 243 से कवर्ड नहीं है। 21 नवंबर को मध्य प्रदेश पंचायत राज और ग्राम स्वराज्य संशोधन अध्यादेश पारित किया गया है। अध्यादेश के माध्यम से पंचायत एक्ट में सेक्शन 9 अ को जोड़ा गया है, जिसे याचिका में नियम विरुद्ध बताया गया है। वही ​कल्लू राम सोनी नाम के व्यक्ति ने भी अध्यादेश को चुनौती दी है और रोटेशन प्रणाली लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में 4 सप्ताह में सरकार से जवाब मांगा है। वही पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता द्वारा 4 दिसंबर को मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस ग्वालियर बेंच में सुनवाई करेंगे। इसमें खुद सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद विवेक तंखा पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव शर्मा के साथ मामले में पैरवी करेंगे। ऐसे में 4 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बता दे कि मध्यप्रदेश में 23,835 ग्राम पंचायतें हैं। 904 जिला पंचायत सदस्य और 6035 जनपद सदस्य त्रि-स्तरीय पंचायत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष- 52, जिला पंचायत उपाध्यक्ष- 52, जनपद पंचायत अध्यक्ष- 313, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष- 313, जिला पंचायत के सदस्य- 904, जनपद पंचायत के सदस्य- 6833, सरपंच- 23912, पंच- 3,77,551 शामिल है। इससे पहले 2014-15 में पंचायत चुनाव हुए थे। इससे 2020 तक उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। परिसीमन से पहले प्रदेश में प्रदेश में 22 हजार 812 पंचायतें थीं।