MPPSC : उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार, ओबीसी आरक्षण पर जल्द लें फैसला, इंटरविनर बनने की तैयारी, दायर की याचिका

ओबीसी आरक्षण पर 2019 से विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। लंबित विवाद के कारण अंतिम निर्णय लेने में लगातार परेशानी हो रही है। अंतिम निर्णय नहीं आने के कारण पीएससी की भर्ती परीक्षा अटकी हुई है।

MPPSC Exam 2022

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की अभ्यर्थी (MPPSC Candidate) द्वारा अब नई तैयारी की गई है, इसके तहत OBC आरक्षण (OBC Reservation) पर मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल ओबीसी आरक्षण मामले में 3 वर्षों में भी कोर्ट का निर्णय नहीं आने के बाद एमपीपीएससी के अभ्यर्थी परेशान हैं। MPPSC की परीक्षाओं के अटकने और पहेली जैसे फार्मूले से जारी अधूरी रिजल्ट ने युवाओं की परेशानी बढ़ा रखी है। जिसके बाद युवाओं में इसको लेकर खासी नाराजगी देखी जा रही है। युवाओं ने हस्ताक्षर पत्र याचिका मुख्य न्यायाधीश को भेजने की तैयारी कर ली है।

दरअसल 3 साल से लंबित ओबीसी आरक्षण पर फैसला नहीं आने से मध्य प्रदेश के युवा पूरी तरह से हताश हो चुके हैं। कोर्ट में जारी विवाद से खुद को जोड़ने की तैयारी कर रहे युवा द्वारा इंटरविनर बनने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की गई। ओबीसी आरक्षण पर प्रशासन और आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर करने वाली याचिका कर्ताओं को ही पक्षकार मानकर सुनवाई कर रही है, अभ्यर्थियों द्वारा खुद भी मामले का प्रभावित पक्ष मानकर ये गुहार लगाई गई है।

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दरअसल ओबीसी आरक्षण पर 2019 से विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। लंबित विवाद के कारण अंतिम निर्णय लेने में लगातार परेशानी हो रही है। अंतिम निर्णय नहीं आने के कारण पीएससी की भर्ती परीक्षा अटकी हुई है। वही प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा रहा है, ना ही अंतिम चयन सूची जारी की जा रही है। प्रदेश के लाखों युवा पूरी तरह से हताश हो चुके हैं।

युवाओं द्वारा कोर्ट की ओर से अंतिम निर्णय सुनाने की मांग जारी है। मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका 2019 में दायर की गई थी। 3 वर्षों में भी ओबीसी आरक्षण पर कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ सका। इस बीच पहले तो PSC ने सारी प्रक्रिया बीच में रोक दी थी। बीते दिनों नए फार्मूले 87- 13- 13 से रिजल्ट घोषित करने शुरू किए गए थे।

वहीं अब केवल 87% पदों पर ही चयन सूची जारी की जाएगी। 13% ओबीसी और 13% अनारक्षित के प्राविधिक सूची में रखे जा रहे हैं। अंतिम सूची को भी रोका गया है। इस पर हाईकोर्ट के निर्णय आने के बाद ही फैसला पूरा किया जाएगा।

इसी बीच अब छात्रों का कहना है कि कहीं ना कहीं मामला लंबित होने के कारण PSC के छात्र प्रभावित हो रहे हैं। इस कारण एक पक्ष के तौर पर छात्र सुनवाई में शामिल होना चाहते क्योंकि परीक्षा में देरी का असर छात्रों पर भी पड़ रहा है। वहीं छात्र ने खुद को इस मामले में इंटर विनर बनाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर कर दी है।