आर-पार की लड़ाई के मूड में MP के पटवारी, अब सरकारी Whatsapp Groups से हुए लेफ्ट

पटवारी

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के 19 हजार पटवारी (Patwari) इस समय गुस्से में हैं और उन्होंने सभी जिला स्तरीय और तहसील स्तरीय व्हाट्स एप ग्रुपों (whatsapp groups) से खुद को लेफ्ट करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा सरकार के “SAARA” एप से भी Logout करना शुरू कर दिया है। पटवारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब से वे केवल भू अभिलेख के अलावा कोई काम नहीं करेंगे।

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पिछले दिनों जूनियर डॉक्टर्स और नर्सेस ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी लेकिन कोर्ट के माध्यम से इसका पटाक्षेप हो गया था । मगर अब शासन (MP Government) का एक प्रमुख अंग, पटवारी नाराज हैं। 25 जून से तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे प्रदेश के 19 हजार पटवारी अब सरकार से आरपार की लडाई के मूड में हैं।

पटवारी अब तक ज्ञापन, प्रेस वार्ता, काली पट्टी बांधकर काम कर विरोध दर्ज करा चुके हैं । बीती 12 जून को पटवारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बता दिया था कि वे भू अभिलेख के कार्यों के अलावा और कोई काम नहीं करेंगे लेकिन उनसे लगातार दूसरे काम लिए जा रहे हैं इसलिए अब पटवारियों ने सरकार के “SAARA” एप को Logout कर दिया है और सभी सरकारी व्हाट्स एप ग्रुपों से लेफ्ट होना शुरू हो गए हैं।

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मध्यप्रदेश पटवारी संघ की ग्वालियर जिला इकाई के अध्यक्ष पटवारी ज्ञानसिंह राजपूत ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ को बताया कि पटवारियों से भू अभिलेख के कार्यों के अलावा आबादी सर्वे, पीएम किसान सम्मान निधि, सीएम किसान कल्याण योजना जैसे करीब 17 तरह के कार्य लिए जा रहे हैं। कोरोना काल के प्रोटोकॉल का पालन करवाने से लेकर अभी तक पटवारी वैक्सीनेशन का काम कर रहा है जो अब नहीं करेगा क्योंकि ये भू अभिलेख की श्रेणी में नहीं आता। ज्ञान सिंह राजपूत ने बताया कि आज 16 जुलाई से ग्वालियर के सभी 293 पटवारी केवल भू अभिलेख के कार्य करेगा जिसकी सूचना कलेक्टर को दे दी गई हैं।

पटवारियों की ये हैं तीन मांग

प्रांतीय संगठन के निर्देश पर आंदोलन कर रहे पटवारियों की तीन मांगें लंबित हैं।

1- वेतन विसंगति दूर करना : पटवारियों का कहना है कि पिछले 22 वर्षों से उनके वेतनमान में परिवर्तन नहीं हुआ उनका पे बेंड नहीं बदला । जबकि उनका पद कार्यपालिक और तकनीकी घोषित हो चुका है और योग्यता भी ग्रेजुयेट हो चुकी है। उन्हें अभी भी 5200 – – 20200 +2100 ग्रेड पे में रखा है जबकि राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार का पे बेंड बदल चुका है। इसलिए हमारा ग्रेड पे 5200 – – 20200 +2800 किया जाए ।

2- गृह जिले में पदस्थापना करना – पटवारियों का कहना है कि अभी नये पटवारियों की भर्ती प्रदेश स्तर पर की गई है जबकि पटवारी का पद जिला स्तर का है। बहुत से पटवारी ऐसे हैं जिन्हें अपने घर से 800-800 किलो मीटर दूर पदस्थापना मिली है। इनमें कई पटवारी पति पत्नी हैं और अलग अलग पदस्थापना हुई है। इसलिए पटवारियों को गृह जिले में ही पदस्थ किया जाए।

3- नये पटवारियों के लिए CPCT की अनिवार्यता समाप्त की जाए – पटवारियों की मांग है कि 75 प्रतिशत पटवारी CPCT परीक्षा पास हिं शेष 25 प्रतिशत कोरोना के कारण परीक्षा नहीं होने से उसमें बैठ नहीं पाए। जबकि सभी पटवारी ऑनलाइन काम। कर रहे हैं। इसलिए CPCT परीक्षा पास करने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

ग्वालियर जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह राजपूत ने बताया कि हमारा आंदोलन जारी है। हम अब भू अभिलेख के अलावा कोई काम नहीं करेंगे। यदि हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो 2,3 और 4 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। ईस बीच 3 अगस्त को रैली निकालेंगे और स्मरण पत्र सौपेंगे। 5 अगस्त को सभी ऑन लाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। फिर भी सरकार नहीं मानी तो 10अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले जायेंगे।

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