MP के कांग्रेस नेता हत्याकांड में नया मोड़, जज बोले-मेरे साथ कुछ भी कर सकती है पुलिस

इसके लिए हटा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आरपी सोनी (Second Additional Sessions Judge RP Soni) ने जिला सत्र न्यायाधीश (District Sessions Judge) को पत्र लिखा है।

कांग्रेस नेता हत्याकांड

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले (Damoh District) के हटा में 2018 में बहुचर्चित कांग्रेस नेता हत्याकांड (Congress leader murder case) यानि देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड(Devendra Chaurasia murder case) में अब एक नया मोड़ आ गया है।इस मामले की सुनवाई कर रहे जज (judge) को अब मौत का डर सताने लगा है। उन्होंने दमोह पुलिस (Damoh Police) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है।

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कांग्रेस नेता हत्याकांड  में जज का कहना है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना कभी भी हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच किसी अन्य सत्र न्यायाधीश से कराने की भी मांग की है। इसके लिए हटा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आरपी सोनी (Second Additional Sessions Judge RP Soni) ने जिला सत्र न्यायाधीश (District Sessions Judge) को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने आशंका जताई है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना कभी भी हो सकती है।

कांग्रेस नेता हत्याकांड में उनका कहना है कि मामले को प्रभावित करने के लिए अभियुक्‍तों के साथ-साथ दमोह पुलिस अधीक्षक (Damoh SP) द्वारा उनपर झूठा एवं मनगढ़ंत दबाव बनाया जा रहा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने पुलिस(POLICE) अधीक्षक द्वारा अपने अधीनस्थों के साथ मिलकर उनके विरुद्ध गंभीर झूठे आरोप लगाए जाने की भी आशंका जताई है।सोनी ने मामले की जांच किसी अन्य सत्र न्यायाधीश से कराने की भी मांग की है।

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बता दे कि  2018 में हटा निवासी कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या हो गई थी। उनके इस हत्याकांड में पथरिया विधायक रामबाई परिहार (Patharia MLA Rambai Parihar) के पति गोविंद सिंह, देवर कौशलेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल के बेटे इंधपाल के अलावा अन्य को नामजद आरोपित बनाया गया था। इस मामले में ओपी सोनी बतौर जज वर्तमान में सुनवाई कर रहे है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटा के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय को आदेश दिया गया था कि मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी कर कोर्ट(Court) में पेश करवा जाए। इसके अंतर्गत हटा एसडीओपी(SDOP) को संबंधित मामले में अभियुक्‍तों की गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करना था।