भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बक्सवाहा (Buxwaha) में हीरा खनन के लिए जंगल की कटाई को लेकर लगातार हो रहा विरोध रंग लाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले को लेकर पर्यावरण प्रेमियों द्वारा एनजीटी में एक याचिका दायर की गई थी।

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इस मामले पर गुरूवार को भोपाल में सुनवाई हुई और एनजीटी ने चीफ कन्जर्वेटर फॉरेस्ट को आदेश जारी किया है कि फॉरेस्ट कन्जर्वेशन एक्ट, इंडियन फॉरेस्ट एक्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाए। इससे पहले एनजीटी ने बिड़ला ग्रुप की माइंनिंग कंपनी को नोटिस जारी किया था और 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। अब NGT भोपाल में हुई सुनवाई का विस्तृत आदेश जारी हुआ है और याचिकाकर्ता को निर्देश दिए गए हैं कि खनन कम्पनी समेत अन्य पक्षकारों को याचिका से सम्बंधित दस्तावेज़ उपलब्ध करवाए। इसी के साथ कहा गया है कि वन विभाग की अनुमति के बगैर एक भी पेड़ बक्सवाहा में न कटे ये सुनिश्चित कराया जाए। एनजीटी ने खनन कम्पनी समेत अन्य पक्षकारों को चार सप्ताह में शपथ पत्र में जवाब देने के निर्देश भी दिए हैं। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

बता दें कि बक्स्वाहा में हीरा खदान (Diamond mine) के लिए पहले 4 लाख से अधिक पेड़ (Tree) काटे जाने का जिक्र था। वन विभाग द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को सौंपी गई उत्खनन क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट में बाद में काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या 4 लाख से 2.15 लाख कर दी गई। पेड़ों की कटाई रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। इसी के साथ पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी थी कि कोरोना संक्रमण के काबू में आते ही वो यहां चिपको आंदोलन भी चलाएंगे। इसे लेकर सोशल मीडिया पर सेव बक्स्वाहा फॉरेस्ट कैंपेन चल रहा है तथा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे गए हैं। हीरा खदान के लिए 62.64 हेक्टेयर जंगल चिन्हित किया गया है और बिड़ला ग्रुप को यहां हीरा उत्खनन की जिम्मेदारी दी गई है। बीस साल पहले हुए सर्वेक्षण के मुताबिक यहां 3.42 करोड़ कैरेट हीरा मिलने का अनुमान है। लेकिन दो लाख से अधिक पेड़ों की कीमत पर हीरा खदान को अनुमति देने का देशभर में विरोध हो रहा है और इसे  लेकर अब एनजीटी ने भी पेड़ काटने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

यहां क्लिक कर देखिये NGT द्वारा दिया गया विस्तृत आदेश- https://mpbreakingnews.in/wp-content/uploads/2021/07/mpbreaking31321477.pdf