MP में पटवारियों की हड़ताल जारी, ग्रेड पे और डेडलाइन पर अटका मामला

इससे पहले 2 अगस्त को पटवारियों ने सामूहिक हड़ताल की थी और 5 अगस्त को वेब पोर्टल, वेब GIS सहित सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया और 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Patwari Strike) लगातार जारी है।

कर्मचारियों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की  शिवराज सरकार (Shivraj Government) के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पटवारियों की आज शुक्रवार चौथे दिन भी हड़ताल जारी है।हाल ही में हुई बैठक में सरकार ने पटवारियों को मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन डेडलाइन तय नही की, जिसके चलते पटवारियों ने हड़ताल को जारी रखा है और पटवारी लगातार ग्रेड पे बढ़ाने की मांग उठाए हुए है।हड़ताल के चलते काम काज ठप हो गया है और लोग परेशान हो रहे है।

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मप्र पटवारी संघ का साफ कहना है कि जब तक मांगें पूरी हो जाती, तब तक काम पर वापस लौटेंगे।इधर,पटवारियों (MP Patwari) के हड़ताल पर जाने से आय-जाति के सर्टिफिकेट, जमीन का नक्शा व खसरा रिपोर्ट, बाढ़ राहत, अन्न उत्सव, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ आदि कामों पर बड़ा असर पड़ने लगा है। मप्र पटवारी संघ की मांग है कि शिवराज सरकार पटवारियों का ग्रेड पे 2100 से बढ़ाकर 2800 कर दें, लेकिन सरकार ग्रेड पे 2400 तक राजी हुई है।वही महंगाई भत्ता बढ़ाने समेत पटवारियों के ट्रांसफर, CPCT की अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग है।

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इससे पहले 2 अगस्त को पटवारियों ने सामूहिक हड़ताल की थी और 5 अगस्त को वेब पोर्टल, वेब GIS सहित सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया और 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Patwari Strike) लगातार जारी है। मध्य प्रदेश में 19 हजार से ज्यादा पटवारी है, जो 25 जून से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। अब तक तहसील व जिला स्तर पर कलेक्टर व तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। वहीं काली पट्‌टी बांधकर और भू-अभिलेख को छोड़ शेष सभी कार्यों को बहिष्कार करते हुए सामूहिक अवकाश पर भी जा चुके है, बावजूद इसके उनकी मांगों पर गौर नही किया गया तो अब वे आंदोलन की राह पर चल पड़े है।

ये हैं पटवारियों की मांगें

  • पटवारियों का ग्रेड पे 2800 करते हुए समय मान वेतनमान विसंगति को दूर किया जाए।
  • गृह जिले में पदस्थापना हो। वर्तमान में कई पटवारियों को गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर पदस्थ कर दिया गया है।
  • नवीन पटवारियों की CPCT की अनिवार्यता संबंधी नियम समाप्त किया जाए।