नगरीय निकाय चुनाव : फरवरी से पहले चुनाव कराने की तैयारी, पार्षदों की खर्च सीमा तय

नगर निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में नगरीय निकाय चुनाव (Urban Body Election) की तारीखों का ऐलान भले ही ना हुआ हो लेकिन खबर मिल रही है कि फरवरी के अंत तक चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे। वही मार्च-अप्रैल तक पंचायत चुनाव (Panchayat Election) हो सकते है। प्रदेश की 344 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान होगा।इसके लिए दिसंबर के आखिर सप्ताह या फिर जनवरी के पहले वीक में तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) ने तैयारियां पूरी कर ली है।

मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव : दो चरणों में होगा चुनाव, 1 जनवरी 2020 की मतदाता सूची बनेगी आधार

दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग की चुनावों की तैयारियों का अंतिम दौर चल रहा है, इसमें तारीखों को लेकर मंथन किया जा रहा है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए शिवराज सरकार (Shivraj Government) से फीडबैक भी मांगा गया है। माना जा रहा है कि मप्र विधानसभा सत्र (MP Assembly Session) के बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है, ऐसे इसलिए क्योंकि आयोग ने सरकार से करीब 20 करोड़ रु. अतिरक्त मांगे हैं, अनुपूरक बजट में इसका प्रावधान होगा। यह राशि कोरोना सामग्री (मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर ) के लिए मांगी गई है।हर वोटर को ईवीएम का बटन दबाने के लिए एक हाथ में ग्लब्स पहनना होगा।सूत्रों की माने तो आयोग की मंशा 30 जनवरी तक चुनाव परिणाम घोषित करने की है, इसके पीछे वजह पंचायत चुनाव है जो कि फरवरी से अप्रैल के बीच में 3 फेज में कराने की तैयारी है।

दो चरणों में होंगे चुनाव

मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों का चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा। कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) का पालन करते हुए 1 जनवरी 2020 की मतदाता सूची (1 January 2020 voter list) के हिसाब से ही चुनाव आयोजित की जाएगी। जिसके लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (Electronic voting machine), वोटिंग लिस्ट (Voting list), मतदान केंद्र (Polling Booth) और सुरक्षा की दृष्टि से आयोग ने अन्य इंतजाम पूरा कर लिया है।नामांकन की प्रक्रिया (Nomination process) चुनाव की अधिसूचना (Election notification) जारी करके इसी महीने से शुरू कर दी जाएगी। वहीं जिन जिलों में निकायों की संख्या कम है, वहां चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराए जाएंगे। लेकिन बड़े नगर निगम वाले जिलों में नगरीय निकायों का चुनाव दो चरणों में ही होगा।

जमानत राशि करनी होगी जब्त
नगर निगम, नगर पालिका में पार्षद पद के उम्मीदवारों को शिवराज सरकार (Shivraj government) ने चुनाव लडना महंगा कर दिया है। पहले नगरीय आम चुनाव में नगर पालिका में पार्षद पद पर खड़े होने की उम्मीदवार को 3000 रुपए जमानत राशि जमा करनी होती थी परंतु इस बार आम चुनाव में यह जमानत राशि को बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही नगर निगम चुनाव (Municipal Election) में पार्षद पद के लिए जमानत राशि 5000 रुपए थी। जिसे बढ़ाकर 10000 रुपए कर दिया गया है। हालांकि नगर परिषदों में पार्षद पद के चुनाव के लिए जमानत राशि 1000 रुपए ही रखी गई है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए यह राशि आधी रखी गई है।

पहली बार लिमिट तय

पहली बार पार्षद प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की सीमा 40 हजार रुपए तय कर दी गई है।ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन नामांकन फॉर्म जमा करने की सुविधा एमपी ऑनलाइन पर दी जा रही है। इसके लिए उन्हें अपने चुनाव खर्च का ब्योरा भी जमा कराना होगा।इसके तहत चुनाव की तारीख से 30 दिन के भीतर प्रत्याशी या उसके अधिकृत एजेंट को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास व्यय लेखा दाखिल करना होगा। गलत खर्च बताने पर चुनाव निरस्त करने के साथ संबंधित को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।

सभी खाते संचालनालय के ई-नगरपालिका पोर्टल से होंगे लिंक

नगरीय निकायों के सभी खाते ई-नगरपालिका पोर्टल (E-municipal portal) से लिंक किये जाएंगे। नगरीय निकायों के अनावश्यक बैंक खातों को बंद कर लेखा नियमों के अन्तर्गत प्रावधानित खाते ही संधारित किये जाएंगे। अब नगरीय निकायों में सभी प्रकार के आय-व्यय ई-नगरपालिका के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही किये जाएंगे। कैशबुक, बैलेंस शीट तथा लेखांकन संबंधी सभी कार्य ई-नगरपालिका पोर्टल से ही करने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय निकायों में एक ही कैशबुक संधारित की जाये तथा प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग लेजर संधारित करें। ऐसी योजनाएँ जो अब नगरीय निकायों द्वारा संचालित नहीं की जा रही हैं, उनकी शेष राशि संबंधित विभाग अथवा संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास को वापस करने भी कहा गया है।