SAHARA: सहारा ऑफिस की तालाबंदी, दो दिन पहले जोनल हेड ने दिया था इस्तीफा

सहारा के मालिक सुब्रत (Sahara owner Subrata Roy) चौराहे पर 420 की धाराओं के मामले शतक पूरा करने पर है लेकिन कंपनी अभी भी निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए गंभीर नहीं है।

sahara

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। धोखाधड़ी के आरोपों में घिरी सहारा इंडिया कंपनी (Sahara India Company) के भोपाल ऑफिस में ताला डल गया है। दरअसल निवेशकों के आए दिन होने वाले प्रदर्शन और विरोध के चलते यहां कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों ने खुद को सुरक्षित करने के लिए ऑफिस को भीतर से बंद कर लिया है और किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी है।बुधवार की सुबह भोपाल के एमपी नगर जोन वन में स्थित सहारा इंडिया ऑफिस के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया।

यह भी पढ़े.. गृहमंत्री की कांग्रेस MLA को चेतावनी- अपराधी बेटा 2 दिन में हाजिर नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई

दरअसल, यह कार्रवाई खुद संस्था में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों (Employees) ने खुद को सुरक्षित करने के लिए की। दो दिन पहले ही यहां डेढ़ सौ से ज्यादा निवेशकों (investors) और उनके एजेंटों ने धावा बोल दिया था और अपना पैसा वापस लौटाने की मांग कर रहे थे। निवेशकों के बढ़ते दबाव के चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के जोनल हैड राजेन्द्र सक्सेना (Rajendra Saxena) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और इस्तीफे में साफ लिखा था कि वर्तमान परिस्थितियों में कार्य करना अब संभव नहीं है।

यह भी पढ़े.. MP Corona Update: 5 दिनों में 34 नए केस, आज फिर 9 पॉजिटिव, इन जिलों में स्थिति गंभीर

इसके बाद भी निवेशकों का दबाब अभी भी कायम है और इस दवाब से बचने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों ने अभी यह रास्ता निकाला है कि सुबह ऑफिस खुलते ही प्रवेश द्वार अंदर से बंद कर ले रहे हैं शाम को अवकाश समय ही बाहर निकलेंगे। ऐसी में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर निवेशकों का भुगतान कैसे होगा। अकेले भोपाल जिले की बात करें तो हजारों निवेशकों का लगभग 200 करोड़ पर से ज्यादा सहारा की विभिन्न सोसायटियों में निवेश है जो कंपनी परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी वापस नहीं लौट आ रही है। सहारा के मालिक सुब्रत (Sahara owner Subrata Roy) चौराहे पर 420 की धाराओं के मामले शतक पूरा करने पर है लेकिन कंपनी अभी भी निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए गंभीर नहीं है।