सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले-दिवंगत स्वास्थ्यकर्मियों के परिजनों को मिलेगी 50 लाख की सम्मान निधि

CM शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना जैसे विकट संकट में जान हथेली पर रखकर दिन रात प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए मैं आप सभी को प्रणाम करता हूँ। समाज पर आपका यह ऋण कोई नहीं भूलेगा। आप कोरोना के संक्रमण से स्वयं को बचाते हुए दूसरों को संक्रमण मुक्त करने का कार्य ऐसे ही करते रहें। हमने कोरोना योद्धा योजना पुनः प्रारंभ कर दी है। कार्य करते-करते हमारे जो स्वास्थ्य कर्मी दिवंगत हो जाएंगे, उनके परिवार की देखरेख शासन की जिम्मेवारी होगी। उनके परिवारों को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह बातें आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित करते हुए कही।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसे सभी स्वास्थ्य कर्मियों, जो कोरोना के दौरान सेवा करते-करते दिवंगत हो गए हैं, उन सभी को प्रदेश की 8 करोड़ जनता की ओर से आदरांजली अर्पित की।आप सभी के अथक परिश्रम के परिणाम स्वरूप पिछले एक सप्ताह में कोरोना संक्रमण के संबंध में प्रदेश की स्थिति बेहतर हुई है। प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 25% से घटकर 21.5% हो गया है, वहीं रिकवरी रेट निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में 94 हज़ार से ज्यादा एक्टिव मरीज हो गए थे, अब एक्टिव मरीज 92 हज़ार रह गए हैं, इनमें से 70 हज़ार होम आइसोलेशन में हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉक्टर सचमुच में भगवान होते हैं। वे मरीजों की जान बचाते हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश में लगभग 99% कोरोना मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। कोरोना मृत्यु दर 1% से थोड़ी ज्यादा है। सरकारी अस्पताल आम जनों का सहारा बन रहे हैं तथा यहाँ अच्छे से अच्छा इलाज मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन लाइन बिछाई जा रही है। प्रदेश में व्यापक पैमाने पर ऑक्सीजन के प्लांट लगाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी स्वयं का मनोबल टूटने न दें तथा मरीजों का मनोबल बढ़ाएं। मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी फोन, वीडियो कॉल आदि के माध्यम से उनके परिजनों को निरंतर देते रहें। स्वास्थ्य कर्मी चार स्तरों पर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की, होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की, कोविड केयर सेंटर्स में तथा घर-घर जाकर।