बढ़ते कोरोना मामलों के बीच सख्त कलेक्टर अविनाश लवानिया, हो सकती है कई कर्मचारियों की छुट्टी

बता दें कि इस संकट काल के दौरान प्रदेश में भी एस्मा लागू है। ऐसी स्थिति में कई कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

bhopal

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई अधिकारी कर्मचारियों पर निलंबन (suspension) की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में नोटिस (notice) जारी कर दिया गया है। दरअसल केंद्र सरकार (centreal government) के नियम के मुताबिक 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारी बिना मेडिकल सर्टिफिकेट (medical certificate) के छुट्टी पर रह सकते हैं। वहीं 60 से अधिक उम्र के कर्मचारी को किसी भी वजह से कोरोना काल में ड्यूटी पर नहीं लगाया जा सकता। बावजूद इसके मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई ऐसे कर्मचारी हैं। जिन्होंने 60 वर्ष की उम्र पार कर लिए बावजूद उन पर कोरोना काल में कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है।

अब ऐसी स्थिति में जिले के कई कोरोना अस्पताल की मॉनिटरिंग नहीं किए जाने के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं बीते दिनों राजधानी भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सभी अस्पताल में व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और मॉनिटरिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन न करने वाले कोरोना अस्पतालों के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा 28 कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश दिए गए थे।

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वहीं कई विभागों की मॉनिटरिंग में यह जानकारी सामने आई है कि कई ऐसे कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। जो या तो अति गंभीर बीमारी से पीड़ित है या फिर कोरोना पॉजिटिव रह चुके हैं। वहीं कुछ ने अपनी 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर ली है। अब ऐसे अस्पतालों की मॉनिटरिंग शुरू की गई है।

वही बीते दिनों कई जगह पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जहां कर्मचारी अनुपस्थित रहे ऐसी स्थिति में कलेक्टर अविनाश लवानिया द्वारा उपस्थित नहीं रहने वाले कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की बात कही गई है। बता दें कि इस संकट काल के दौरान प्रदेश में भी एस्मा लागू है। ऐसी स्थिति में कई कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।