बुंदेलखंड के लिए विशेष परियोजना, पीएम मोदी के सामने हुआ यूपी सरकार से समझौता

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बुंदेलखंड (Bundelkhand) को सौगात मिलने जा रही है और इसी के साथ 15 साल से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चल रहे केन-बेतवा परियोजना से पानी लेने के विवाद का भी पटाक्षेप हो गया है। आज बुंदेलखंड के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra modi) के सामने मध्यप्रदेश एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ। केंद्र, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश, इन तीनों के बीच हुए इस समझौते के तहत केंद्र और बेतवा नदी (betwa river) को जोड़ा जाएगा। पीएम मोदी के सामने शिवराज और योगी सरकार के बीच पानी के इस बंटवारे को लेकर समझौता हुआ।

केंद्र और बेतवा को जोड़ने का लाभ ये होगा कि बरसात में जो पानी व्यर्थ होता था, उसे रोका जाएगा। इससे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के इलाके के सूखे खेतों को पानी मिलेगा। इस परिजोयना से मध्यप्रदेश को ऑफ मॉनसून सीजन में 1834 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। इस पानी से मध्यप्रदेश में 9 लाख 11 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी साथ ही 41 लाख लोगो को पीने का पानी मिलेगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ये परियोजना बुंदेलखड की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेगी। 35 हजार 100 करोड़ की इस परियोजना का 90 प्रतिशत भार का वहन केंद्र सरकार करेगी वहीं 5-5 फीसदी वहन दोनों राज्य सरकार को करना होगा।

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इसी के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh chouhan) ने अपने चौथे कार्यकाल का एक साल पूर्ण होने पर जनता को धन्यवाद भी दिया है। उन्होने कहा कि एक साल पहले जब मैंने कार्यकाल संभाला था, कोरोना का कहर पूरे प्रदेश पर था। ऐसे कठिन समय में जब अर्थव्यवस्था डांवाडोल थी, पीएम नरेंद्र मोदी के सहयोग से हमने रास्ता निकाला और आज यहां तक पहुंचे हैं उन्होने कहा कि मुझे पूरा संतोष है कि अपनी टीम के साथ मिलकर हमने घने अंधेरे में भी राह निकाली और जनता के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।