पूर्व विधायक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में नगरीय निकाय चुनाव (urban body election) की तैयारियां तेज हो गई है। इसके साथ विभिन्न पार्टी दल भी अलग-अलग नीतियों के साथ मैदान में उतर गई है। एक तरफ जहां बीजेपी (bjp) ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए नेताओं की निकायवार ड्यूटी लगाने शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेसी (congress) मास्टर स्ट्रोक (masterstroke) लगाने की तैयारी में है।

दरअसल इस बार नगरीय निकाय चुनाव के लिए पार्टी ने विधायक प्रदेश पदाधिकारियों युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही प्रत्याशी चयन के लिए कार्य जिला स्तर पर समिति को सौंपा जाएगा जबकि प्रदेश हाईकमान सिर्फ उन जगहों के लिए प्रत्याशी का चयन करेगा जहां जनता और नेताओं के बीच प्रत्याशी को लेकर आम राय नहीं बनती है।

चुनाव में प्रत्याशी चयन के लिए पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamalnath) 10 फरवरी को जिला प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस की रणनीति 50% से ज्यादा टिकट युवाओं को देने की है। वहीं दूसरी तरफ पार्टी द्वारा तय किया गया कि सहमति बनने पर विधायक (MLAs) को भी महापौर पद का उम्मीदवार बनाया जा सकेगा।

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इस मामले में पार्टी के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) का कहना है कि कांग्रेस पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी। वहीं सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह विधायकों पर होगा कि अपने क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलवाएं। वही नगरिय निकाय चुनाव में प्रदेश कांग्रेस, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस सहित सभी संगठनों की भूमिका तय की जाएगी।

बता दें कि मध्य प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह तक मतदाता सूची बनकर तैयार हो जाएगी। वही माना जा रहा है कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय चुनाव के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। नगरीय निकाय चुनाव में दो चरणों में चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। जिसके बाद दोनों पार्टियों द्वारा नई रणनीतियों के तहत मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी गई है।