आदिवासियों से बोलीं मंत्री जी- “किसने कहा था ऐसी विचित्र जगह आकर बसो,” कांग्रेस ने की बर्खास्तगी की मांग

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इंदौर, आकाश धोलपुरे। अपने विवादों को लेकर अक्सर चर्चा में रही मध्य प्रदेश सरकार की पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर का एक और बयान जमकर वायरल हो रहा है। इसमें वे आदिवासियों से उनके रहने की जगह को लेकर अजीब सी बात करती नजर आ रही हैं। कांग्रेस ने मंत्री जी के इस बयान को मुद्दा बना लिया है।

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कभी मास्क लगाने को लेकर, कभी के एयरपोर्ट पर बैठ कर पूजा करने को लेकर तो कभी हवन से कोरोना भगाने की बात कहने वाली मध्य प्रदेश की पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो आदिवासियों से कहती नजर आ रही हैं “कैसी विचित्र जगह आकर बसे हो। तुम ने यहां आकर बसने से पहले क्या सोचा था!” इस पर आदिवासी कहते हैं कि उनके तो बाबा के बाबा यानी पीढ़ियां यहां पर रह रही हैं। तब उषा ठाकुर कहती हैं “वह तो ठीक है लेकिन विचित्र जगह आकर बसने के लिए किसने कहा! बसने के पहले दिक्कत है ये तो सोच लेते। उस समय तो और दिक्कत रही होगी और यह तकलीफ वाली रहने की जगह तो अपन ने ही चुनी है। तुमसे यह किसने कहा कि यहां आकर रहो तुमने ही यह जगह चुनी है। उस समय तुमको यहां पट्टे में मिले होंगे या जो भी कुछ हुआ होगा। अब अगर तुमको सारी सुविधाएं चाहिए तो दो-दो चार चार लोगो के लिए तो सरकार यह कर ही नहीं सकती। यह तो असंभव है।”

कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने उषा ठाकुर के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि “उषा ठाकुर को शायद यह पता नहीं कि आदिवासी वर्ग की पहचान ही जल, जंगल और जमीन है। उषा ठाकुर पहले भी आदिवासी संगठनों को लेकर विवादास्पद बयान दे चुकी हैं। आदिवासी वर्ग के प्रति ऐसी सोच रखने वाली मंत्री को मुख्यमंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए।” कांग्रेस का बयान भले ही दलगत राजनीति का हिस्सा हो लेकिन शायद मंत्री जी को इतना सामान्य ज्ञान तो होना चाहिए कि आदिवासी वर्ग वास्तव में इस प्रदेश की न केवल पहचान है बल्कि अगर देखा जाए तो मूल निवासी भी वही हैं और रही बात उनके बसने की तो उनके बसने के स्थान दुर्गम होना उनकी संस्कृति का ही एक हिस्सा है, जो शायद संस्कृति मंत्री जी की समझ से परे है।