Hindi News

क्या निकाय चुनाव से पहले पूरी होगी ज्योतिरादित्य सिंधिया की यह मांग?

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में नगरीय निकाय चुनाव (Urban Body Election) और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) से पहले एक बार फिर बीजेपी (BJP) से राज्यसभा सांसद (Rajyasabha MP) ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने ग्वालियर चंबल पर फोकस करना शुरु कर दिया है। लगातार दौरे के बाद सिंधिया ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर ग्वालियर (Gwalior) के विकास कार्यों पर चर्चा की और कई रेल प्रोजेक्ट (Railway Projest) शुरु करने की मांग की है। निकाय चुनाव (Election 2021) से पहले सिंधिया की इस मुलाकात के कई सियासी मयाने निकाले जा रहे है।

यह भी पढ़े.. VIDEO: ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में जमकर हंगामा, वापस लौटे, SP ने संभाला मोर्चा

खास बात ये है कि इसकी जानकारी खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने ट्वीटर के माध्यम से दी है। सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा है कि केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) से 4 मार्च को मुलाकात कर विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) का विस्तार व विकास जिसमें ग्वालियर के हेरिटेज आर्किटेक्चर को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने।

वही अगले ट्वीट में सिंधिया ने लिखा है कि ग्वालियर (Gwalior) शहर में नैरोगेज लाइन (Narrow gauge line) को विकसित कर फूल बाग से मोतीझील स्टेशन तक एक टूरिस्ट ट्रेन के रूप में चलाए जाने और ग्वालियर से श्योपुर व आगे कोटा-राजस्थान तक ब्रॉडगेज लाइन प्रोजेक्ट को समयबद्ध कार्यक्रम चलाकर बजट (Budget 2021) प्रावधान बढ़ाकर पूर्ण करने  की मांग की गई। रेल मंत्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार। मुझे पूरा विश्वास है कि ग्वालियर के विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्टस की गति बढ़ेगी।

बता दे कि यह पहला मौका नहीं है। बजट सत्र 2021 के दौरान भी सिंधिया ने फरवरी में रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा था और यह तीनों मांग की थी और अब खुद दिल्ली में पीयूष गोयल से मुलाकत कर इन मुद्दों पर दोबारा से खुलकर चर्चा की है और जल्द से जल्द इन्हें पूरा करने की बात कही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक इन प्रोजेक्ट्स को गति मिलती है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews