International Womens health day : आखिर क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस, जानें महत्व और कारण

वर्ष 1987 में 28 मई को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय अभियान दिवस या अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाना घोषित किया गया था।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। International Womens health day हर साल 28 मई को मनाया जाता है। महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में अवगत कराने हेतु यह दिन हर साल मनाया जाता है। दरअसल विश्व की हर महिलाओं को यह मालूम होना चाहिए कि उनके शरीर में किन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। आज हम आपसे कुछ ऐसे ही विषय के बारे में चर्चा करने वाले हैं। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि महिलाओं को अक्सर किन पोषक तत्वों की कमी का सामना करना पड़ता है।

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इसलिए मनाया जाता है International Womens health day
वर्ष 1987 में 28 मई को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय अभियान दिवस या अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाना घोषित किया गया था। उस दिन से लेकर आज तक यह दिवस प्रतिवर्ष महिलाओं और स्वास्थ्य समूहों द्वारा मनाया जाता है। लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई महिला स्वास्थ्य संघ (एलएसीडब्लूएचएन) तथा प्रजनन अधिकार (डब्ल्यूजीएनआरआर) के लिए महिलाओं का वैश्विक संघ इस अभियान को सफ़ल बनाने के लिए मिलकर काम करता हैं।

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इंटरनेशनल वुमन हेल्थ डे को हिन्दी में अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस के रूप में जाना जाता है। जिसे हर साल मनाने का मकसद सिर्फ इतना है कि हर महिला अपने स्वास्थ्य और कल्याण मसलन एवं प्रजनन तथा अधिकारियों से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक हों।

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इन पोषक तत्वों की कमी से जूझती हैं महिलाएं

प्राकृति ने महिलाओं को कुछ इस तरह बनाया है कि वह पुरूषों से कहीं अधिक सेंसटिव होती हैं। इनमें आयरन की कमी देखी जा सकती है, जिस वजह से यह एनीमिया की समस्या से भी ग्रस्त रहती हैं। बतादें कि एनीमिया की समस्या को खून की कमी भी कहते हैं।

एनीमिया से जूझने के अलावा महिलाएं अपने शरीर में विटामिन बी12 कमी का भी उन्हें सामना करना पड़ता है। जिस वजह से उनके शरीर में थकान, डिप्रेशन, बाल झड़ना, कमजोरी, सुस्ती आदि लक्षण नजर आते हैं।

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महिलाओं के शरीर में अक्सर कैल्शियम की कमी भी देखने को मिलती है जिस वजह से इन्हें पोषक तत्व की कमी का भी सामना करना पड़ता है। इसके कारण उन्हें हड्डियों में दर्द महसूस होता है।

हर महिलाओं के लिए विटामिन डी जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में दर्द सहना पड़ता है।