चतुर बंदर ने Tiger को छकाया, इस तरह दी भूखे टाइगर को मात, देखिये वीडियो

tiger

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक जंगल में एक टाइगर (Tiger) था। उसके डर से सारे जानवर थर-थर कांपते थे। एक दिन दूसरे जंगल से एक समझदार बंदर (Monkey) आया और फिर…। इस तरह की कहानियां हम सभी ने बचपन में कभी न कभी जरूर सुनी होगी। लेकिन इस कहानी को जीते जागते देखना हो तो ये खबर पढ़िये।

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ये कोई कहानी नहीं, हकीकत है। यहां हम देख रहे हैं अपनी एक भूखा टाइगर (Tiger) और एक चालाक बंदर। टाइगर अपनी भूख से इतना बेबस हुआ कि बंदर को पकड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। अब तक बंदर सारा घटनाक्रम देखते हुए सबसे ऊंची टहनी पर बैठा है। ऐसा लगता है कि बंदर के पास प्लान ए पहले से तैयार है। वो टाइगर को ऊपर चढ़ने देता है और जैसे ही टाइगर उसके पास पहुंचने को होता है, बंदर लपककर नीचे वाली टहनी पर कूद जाता है।

टाइगर चाहे जितना शक्तिशाली हो, लेकिन पेड़ों का राजा तो बंदर ही है। वो एक एक शाख, एक एक पत्ते का पता जानता। वो जानता है कि पेड़ की टहनी टाइगर का भार नहीं संभाल पाएंगी। जैसे जैसे टाइगर नीचे की टहनी पर आने की कोशिश करता है, बंदर कुलांचे मारता हुआ इधर से उधर, उधर से इधर छलांग लगाता है। इस बीच टाइगर धम्म से नीचे गिर जाता है और बंदर उछलकर ऊपर वाली टहनी पर चला जाता है। इस वीडियो को देखने के बाद हमें बचपन की कहानी याद आ जाती है जिसमें कोई न कोई समझदार जानवर अपनी चतुराई से शेर, चीते, भालू या ऐसे ही शिकार करने वाले जानवर को छकाते रहते हैं। तो इस मजेदार कहानी का असल रूपांतरण देखिये यहां, कि आखिर कैसे एक बंदर ने टाइगर को अपनी सूझबूझ और संयम से हरा दिया और अपनी जान बचा ली।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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