Shiva Temple: सावन के पवित्र माह में इन चमत्कारी मंदिरों में जरूर करें दर्शन, हर कामना होगी पूरी

Shiva Temple: यदि आप इस बार कांवड़ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो निराश न हों। आप सावन के पवित्र महीने में भारत के विभिन्न प्रसिद्ध शिव मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। इन मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है और श्रद्धालुओं को अत्यंत आध्यात्मिक अनुभव होता है।

भावना चौबे
Published on -
mandir

Shiva Temple: सावन की शीतल हवाएं बह रही हैं और चारों ओर हरियाली का कंबल बिछा हुआ है। यह वक्त है भगवान शिव की आराधना का, जिन्हें हिंदू धर्म में “शिव” अर्थात “कल्याणकारी” के रूप में जाना जाता है। श्रावण का पूरा महीना शिव को समर्पित होता है, और इस दौरान भक्त उनकी कृपा पाने के लिए तरह-तरह की पूजा-अर्चना करते हैं। सोमवार का दिन, जो सावन में और भी खास हो जाता है, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठानों के लिए विशेष माना जाता है। कई श्रद्धालु इस पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, जो शिवभक्ति का एक प्रतीक है। लेकिन अगर आप इस साल किसी कारणवश कांवड़ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है।

आप सावन के इस पावन अवसर का लाभ उठाते हुए भारत के विभिन्न प्रसिद्ध शिव मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। ये मंदिर न सिर्फ अपनी भव्य वास्तुकला के लिए विख्यात हैं, बल्कि इनसे जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं और चमत्कारों की कहानियां भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती हैं। इन मंदिरों में दर्शन करने से आपको न केवल शांति और आत्मिक सुख प्राप्त होगा, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आ सकते हैं।

श्री उमा महेश्वर स्वामी मंदिर

आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर, जो शिव भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंदिर अपनी भव्यता, प्राचीनता और रहस्यमय कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर इस बात के लिए भी अनोखा है कि यहां भगवान शिव को लिंग रूप में नहीं, बल्कि मूर्ति के रूप में पूजा जाता है। मंदिर से जुड़ी अनेक कहानियां और किंवदंतियां इसे और भी रहस्यमय बनाती हैं।

यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्ति की आशा रहती है। यदि आप भी आध्यात्मिक शांति और भक्ति का अनुभव करना चाहते हैं, तो इस प्राचीन मंदिर में अवश्य दर्शन करें। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व का केंद्र है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल है। यहां की प्राचीन कलाकृतियां और शांत वातावरण आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। अगर आप कुरनूल आ रहे हैं, तो इस मंदिर में दर्शन करना न भूलें।

भवानी संगमेश्वर मंदिर

तमिलनाडु के इरोड जिले में भवानी नामक स्थान पर स्थित, भवानी संगमेश्वर मंदिर, भगवान शिव को समर्पित एक अद्भुत मंदिर है। इसे थिरुनाना और थिरुकुडुथुरई के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अपनी भव्यता, प्राचीनता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। सात नदियों के संगम के नाम से मशहूर, यह मंदिर भगवान शिव के दर्शन के लिए साल में सिर्फ गर्मी के मौसम में ही खुलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है और मंदिर जलमग्न हो जाता है। यह मंदिर अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए जाना जाता है।

इसे दुनिया का एकमात्र ऐसा शिव मंदिर माना जाता है, जहां सात नदियों का संगम होता है। यहां आने वाले भक्तों को न केवल भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि उन्हें प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलता है। यदि आप तमिलनाडु की यात्रा कर रहे हैं, तो भवानी संगमेश्वर मंदिर अवश्य जाएं। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व का केंद्र है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल है।

 


About Author
भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

Other Latest News