एंटी माफिया अभियान : 110 करोड़ रुपये की बेशकीमती शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण

प्रशासन ने अतिक्रमण करने वाले भू माफिया के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  प्रदेश में चल रहे एंटी माफिया अभियान (anti mafia campaign) के तहत ग्वालियर जिला प्रशासन (Gwalior District Administration) ने गुरुवार को दो अलग अलग जगह कार्यवाही करते हुए 110 करोड़ रुपये की शासकीय भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई। शासकीय जमीनों पर भू माफिया (land mafia) ने पक्के निर्माण कर लिए थे, खेती कर रहे थे, प्लॉटिंग की जा रही थी, दुकाने बना दी गई थी।  प्रशासन की टीम ने अवैध अतिक्रमण करने वाले भू माफिया के खिलाफ पुलिस में आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाए हैं।

एंटी माफिया अभियान : 110 करोड़ रुपये की बेशकीमती शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण

एंटी माफिया अभियान : 110 करोड़ रुपये की बेशकीमती शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण

ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम दीनारपुर में अलग अलग सर्वे नंबर की 45 बीघा शासकीय भूमि पर को रामवरन यादव निवासी सत्य नारायण का मोहल्ला घासमंडी,  महेंद्र सिंह बाथम निवासी ग्राम जखारा और राकेश शर्मा  निवासी नारायण विहार कॉलोनी ने नोटरी के जरिये बेच दिया था। इस जमीन पर पक्के मकान बना लिए गए थे ,  प्लॉटिंग की जा रही थी, सरसों और गेहूं की खेती की जा रही थी। जिसे प्रशासन की टीम ने नष्ट कर दिया।

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अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई शासकीय जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपये बताई गई है। प्रशासन की टीम ने शासकीय भूमि को बेचने वाले रामवरन यादव, महेंद्र सिंह बाथम और राकेश शर्मा के खिलाफ पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है। कार्यवाही में एसडीएम मुरार अशोक सिंह चौहान, तहसीलदार कुलदीप दुबे, आरआई दिलीप दरोगा जगदीश घनघोरिया सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद था।

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उधर जिला प्रशासन  टीम ने ग्राम कोटलशकर के सरकारी मंदिर की अलग अलग सर्वे नंबर की 16 बीघा शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बिना अनुमति के दुर्गेश कुशवाह द्वारा 7 दुकान एवं 5 मकानों की नीव बना ली थी जिसे नगर निगम के मदाखलत अमले ने तोड़ा दिया।  कार्यवाही के दौरान एसडीएम  अनिल बनवारिया, तहसीलदार नीना सेंगर, आरआई महेंद्र यादव, योगेन्द्र त्रिपाठी, सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद था। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई शासकीय जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई गई है। इस जमीन पर नगर निगम को सार्वजनिक पार्क एवं अन्य पब्लिक यूटिलिटी को विकसित करने के लिए दिया जायेगा।

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