MP Breaking News
Google पर फॉलो करें

BMO ने लगाया विधायक पर राजनैतिक दबाब का आरोप, CMHO बोले- बेवजह मामले को तूल दिया

ashok nagar mla

अशोकनगर, हितेन्द्र बुधौलिया। अशोकनगर जिले (Ashoknagar) के शाढ़ौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफीसर (BMO) डॉ. शिवराज सिंह भदौरिया ने दोपहर में अशोकनगर बीजेपी विधायक जजपाल सिंह जज्जी पर राजनैतिक दबाव बनाने का आरोप लगाकर अपना इस्तीफा CMHO को लिखा था। BMO ने जहां कार्य मे हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था वही विधायक का कहना है कि शाडौरा के लोगो की मांग थी कि कोरोना महामारी के दौरान निजी चिकित्सको के बन्द दवाखाने खुलबाये जाये।इसी को लेकर बीएमओ को इस मामले पर विचार करने के लिये फोन किया था।

यह भी पढ़े.. Madhya Pradesh: 4 लाख हितग्राहियों को अस्थायी पर्ची जारी, फ्री राशन के लिए 31 तक जुड़ेंगे नाम

दरअसल, पूरा मामला प्राइवेट डॉक्टरों के दवाखानो को खोलने का यह मामला बताया जा रहा ।इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. हिमांशु शर्मा का कहना है कि बीएमओ का इस्तीफा अस्वीकृत कर दिया गया है।बीएमओ द्वारा मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है। उनके द्वारा की गई जांच में कही भी राजनैतिक दवाब का मामला सामने नही आया।

उल्लेखनीय है कि बीती 20 मई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य अमले द्वारा की गई कार्रवाई के तहत शाढ़ौरा कस्बे में अवैध रूप से संचालित चार झोलाछाप डाक्टरों के क्लीनिक सील किए गए थे। बीएमओ डॉ. भदौरिया ने सीएमएचओ को संबोधित अपने इस्तीफे में आरोप लगाया है कि अशोकनगर विधायक फोन पर इन्हीं क्लीनिकों की चाबी झोला छाप डाक्टरों को वापिस करने के लिए कह रहे थे।

यह भी पढ़े.. मध्य प्रदेश में संक्रमण की दर घटी, सीएम बोले- अनलॉक प्रक्रिया में रखें 5 बातों का ध्यान

डॉ भदौरिया ने इस्तीफे में लिखा है कि सीएमएचओ ने झोलाछाप डाक्टर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के मौखिक निर्देश भी दिए थे। इसी के चलते उन्होंने शाढ़ौरा पुलिस को कार्रवाई हेतु पत्र भी लिखा था। बीएमओ ने अपने इस्तीफे की कॉपी क्षेत्रीय सांसद डॉ. केपी यादव, कलेक्टर, सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी है। इस्तीफे में बीएमओ ने लिखा है कि राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण वे एवं उनका स्टाफ कार्य करने असमर्थ हैं, इसलिए उनसे बीएमओ की जिमेमदारी लेकर मेडिकल ऑफिसर का कार्य कराया जाए।

इस मामले पर विधायक जजपाल सिंह जज्जी (BJP MLA Jajpal Singh Jajji) का कहना है कि उनके पास शाढ़ौरा क्षेत्र के लोग आए थे, उनका तर्क था कि भीषण महामारी के दौरान स्थानीय प्रैक्टिशनर्स पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर मैंने डॉक्टर साहब से कार्रवाई आगे टालने के लिए आग्रह किया। प्रशासनिक कार्यों में राजनैतिक हस्तक्षेप का आरोप पूरी तरह गलत है, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैंने बीएमओ साहब से लोगों की मांग पर विचार करने का आग्रह किया था। महामारी के इस दौर में हमारी प्राथमिकता मानव सेवा है, प्रशासनिक कार्रवाई बाद में कभी भी की जा सकती है।

यह भी पढ़े.. रुके हुए कामों में फिर आएगी तेजी, रोजगार को लेकर सीएम शिवराज सिंह का बड़ा बयान

सीएमएचओ डॉ हिमांशु शर्मा का कहना है कि पूरे मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है, मैंने बीएमओ द्वारा लगाए गए आरोपों की तह में जाने का प्रयास किया। ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला, जिससे कहा जा सके कि विधायक जी द्वारा किसी भी तरह का दबाब बनाया जा रहा है। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों को मैं ही सील करके आया था, मैंने ही दुकानें खुलवाईं हैं। वहां के लोगों का कहना था कि कोरोना महामारी के भय के कारण छोटी-मोटी बीमारियों में लोग अस्पताल नहीं जा रहे हैं। बीएमओ का इस्तीफा अस्वीकृत कर दिया गया है। इस तरह से इस्तीफे नहीं दिए जाते। विधायक जी पर लगाए गए आरोप सत्यता से परे हैं।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews
BMO ने लगाया विधायक पर राजनैतिक दबाब का आरोप, CMHO बोले- बेवजह मामले को तूल दिया - MP Breaking News