Balaghat News : डबल मनी मामले में सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

Amit Sengar
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Balaghat News : मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में डबल मनी के तार महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य से भी जुड़े होने के चलते अब इसकी जांच सीबीआई से कराये जाने की सिफारिश राज्य सरकार ने की है। चूंकि बड्स एक्ट के तहत प्रोविजन में तीन राज्यो का मामला होने से मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने के नियमों के तहत बालाघाट पुलिस ने सरकार से इस मामले में सीबीआई जांच किये जाने का प्रतिवेदन दिया था। जिसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने की अनुशंसा की है। हालांकि अभी सीबीआई ने इस मामले को टेकओवर नहीं किया है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही इस बड़े मामले को सीबीआई अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर सकती है।

गौरतलब है कि इस मामले को लेकर लगातार विपक्षी राजनीतिक दल डबल मनी से जुड़े मामले की सीबीआई जांच करवाये जाने की मांग उठा रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने डबल मनी मामले में राज्य सरकार द्वारा की गई सीबीआई जांच की अनुशंसा की जानकारी पर कहा कि डबल मनी मामले की सीबीआई जांच होने से ऐसी कई छिपी परते लू-फाल्स भी मिलेंगे, जो पुलिस एक्सपर्ट और बल की कमी के कारण नहीं ढूंढ सकी है और निश्चित ही सीबीआई जांच से आरोपियों को सजा दिलाने में न्यायोचित कार्यवाही होगी। जिससे इ मामले में निवेशकों को न्याय मिलेगा। पुलिस अधीक्षक की मानें तो सीबीआई जांच से डबल मनी में इतना पैसा कहां से आ रहा था और किन राज्यों से कैश मूवमेंट हो रहा था। पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि मामले की जांच सीबीआई से होने से कई अहम पहलु भी उजागर होंगे।

इन मामलो की जांच के लिए सीबीआई की गई अनुशंसा

17 मई 2022 को लांजी थाना क्षेत्र में दो और किरनापुर थाना क्षेत्र में अनिमित जमा योजना प्रतिबंद्ध अधिनियम 2019 की धारा 21(1),21(2) के तहत लांजी लांजी में अपराध क्रमांक 177/2022 में बोलगांव निवासी 28 वर्षीय सोमेन्द्र पिता योगेन्द्र कंकरायने, कोकना निवासी 28 वर्षीय तामेश पिता रामप्रसाद मंसुरे, 24 वर्षीय राकेश पिता रामप्रसाद मंसुरे एवं बोलगांव निवासी 23 वर्षीय प्रदीप पिता दिनेश कंकरायने, अपराध क्रमांक 178/2022 में बोलेगांव निवासी 36 वर्षीय हेमराज पिता तुलसीराम आमाडारे, धनराज पिता तुलसीराम आमाडारे, कुंदन पिता सुरेश यादव, 19 वर्षीय ललित पिता खेमराज वैष्णव और 28 वर्षीय राहुल पिता राजकुमार बापुरे के और किरनापुर थाना में अपराध क्रमांक 151/2022 में किरनापुर के किन्ही चौकी अंतर्गत छिंदीकुला निवासी 38 वर्षीय अजय पिता ब्रजलाल तिड़के, महेश पिता ब्रजलाल तिड़के, डोरली निवासी 28 वर्षीय शिवजित पिता मायाराम चिले और किन्ही निवासी 33 वर्षीय मनोज पिता टेकलाल सोनेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने डबल मनी के मास्टर माईंड सोमेन्द्र कंकरायने सहित तामेश मंसुरे, राकेश मंसुरे, प्रदीप कंकरायने, हेमराज आमाडारे, ललित वैष्णव, रामचंद्र कालबेले, अजय तिड़के, शिवजित चिले और मनोज सोनेकर को गिरफ्तार किया है। डबल मनी मामले के प्रारंभ में बने इन तीन मामलो की जांच के लिए सरकार ने सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा की है।

अब तक 25 करोड़ नगद और संपत्ति अटैच

पुलिस ने 17 मई को इस मामले मंे पहली दर्ज तीन रिपोर्ट में जहां 10 करोड़ रूपये नगद बरामद किये थे। वहीं इसके बाद से लगातार मामले में अपराध दर्ज होने पर की गई कार्यवाही में फिर पुलिस ने तीन करोड़ रूपये नगद बरामद किये थे। जिसके साथ ही आरोपियो के बैंक खातो में रखे 12 करोड़ रूपये एवं संपत्ति को सीज किया गया है। इस तरह पुलिस अब तक लगभग डेढ़ हजार करोड़ के इस मामले में 28 से 30 करोड़ रूपये की ही जानकारी जुटा सकी है।

अब तक 40 एफआईआर दर्ज

डबल मनी मामले में 17 मई से लेकर आज तक जिले के बालाघाट कोतवाली, लांजी और किरनापुर थाने में 40 एफआईआर हो चुकी है, जिसमें फिलहाल बालाघाट पुलिस जांच कर रही है लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को प्रारंभिक तीन एफआईआर में जांच की अनुशंसा की गई है और यदि सीबीआई चाहे तो पूर मामले को भी टेकओवर कर सकती है। पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ का कहना है कि इस मामले में सीबीआई को जांच में बालाघाट पुलिस हरसंभव सहयोग करेगी।

तो खुल सकती है कई परतें

पुलिस सूत्र और जानकार बताते है कि यदि राज्य सरकार की जिले के डबल मनी के तीन राज्यों से जुड़े तार के कारण सरकार द्वारा की गई सीबीआई जांच की अनुशंसा को यदि सीबीआई स्वीकार कर लेती है तो इस मामले में कई छिपे पहलु भी उजागर हो सकते और कई नई परते भी खुल सकती है।

बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट


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