MP School: शिक्षकों का रुकेगा वेतन-इन्क्रीमेंट, छात्रों को पढ़ाएंगे अधिकारी, ये निर्देश जारी

स्कूल से अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित ना रहने वाले शिक्षक को निलंबित करने की बजाय उनका वेतन और इन्क्रीमेंट रोकने का फैसला किया है।

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भोपाल, बड़वानी/डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में दोबारा से स्कूल खुल गए है, जिसके बाद शिक्षकों से लगातार उपस्थिति रहने को कहा जा रहा है और ऐसा ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच बड़वानी कलेक्टर ने स्कूल से अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित ना रहने वाले शिक्षक को निलंबित करने की बजाय उनका वेतन और इन्क्रीमेंट रोकने का फैसला किया है। इसके साथ ही निर्देश दिए है कि जिला अधिकारी भी स्कूलों में जाकर अपनी रुचि के विषय छात्रों को पढ़ाएं।

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बड़वानी कलेक्टर  शिवराज सिंह वर्मा ने समय सीमा बैठक में उपस्थित समस्त जिला अधिकारियों एवं वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े हुए समस्त विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न विभागो के पदाधिकारियों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान यह उभर कर आया है कि कई शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है, जिन्हें जिला स्तर से निलंबित भी किया जा रहा है, लेकिन अब निर्णय किया गया है कि निरीक्षण के दौरान जो शिक्षको अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित मिलेंगे, यदि वे एक दिन अनुपस्थित थे तो उनका 1 सप्ताह का वेतन और 1 वेतन वृद्धि रोकने तथा 5 दिन सतत अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर संबंधित शिक्षक का पूरे माह का वेतन और 2 वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही की जायेगी।

इसके साथ ही स्कूल वाहन हादसों को लेकर बड़वानी कलेक्टर  वर्मा ने DPC, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा RTO को निर्देशित किया कि वे अभियान चलाकर प्रायवेट स्कूलों में विद्यार्थियो को लाने ले-जाने वाले वाहनों की जांच करेंगे। इस दौरान वे सुनिश्चित करायेंयगे कि इन वाहनों को ड्राइविंग लायसेंसधारी ड्राइवर (Driving Licence) ही वाहन चला रहा है। इन वाहनों में नियुक्त वाहन चालक और क्लीनर निर्धारित स्पीड और नियम का पालन अच्छी तरह से कर रहे है और कोई कमी पाई जाने पर उसका संचालन सब ठीक ना होने तक रूकवा दिया जाये।अगर जिले में कोई स्कूल वाहन लापरवाही से संचालन के दौरान दुर्घटना ग्रस्त होता है तो जहॉ संबंधित शिक्षण संस्था के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी, वहीं संस्था प्राचार्य के विरूद्ध FIR भी करवाई जायेगी।

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इसके अलावा कलेक्टर ने नई पहल करते हुए समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कूलों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जहां संस्था में ड्रेस वितरण, खाद्यान्न वितरण, पुस्तक वितरण की स्थिति सुनिश्चित करायेंगे। वहीं अपनी विशेषज्ञता अनुसार विद्यार्थियों (Student) को भी पढ़ायेंगे। जिससे शिक्षकों (Teacher) और विद्यार्थियो को और बेहतर के लिये प्रोत्साहित किया जा सके।इसी प्रकार कलेक्टर ने समस्त संकुल प्रभारियों, BRC, खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे भी प्रतिदिन किसी एक स्कूल में पहुंचकर विद्यार्थियो को पढ़ायेंगे और इसकी जानकारी संस्था के निरीक्षण पंजी रजिस्टर में भी दर्ज करेंगे। जिससे उच्च अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उनका दौरा और किये गये कार्य प्रमाणित हो सके।