बैतूल: डॉग हैंडलर पर शासकीय जमीन पर कब्जे का आरोप, पुलिस में शिकायत

बैतूल, वाजिद खान। बैतूल में पदस्थ पुलिस विभाग के डाग हैंडलर पर एक बार फिर गम्भीर आरोप लगे हैं। बुधवार को हमलापुर की महिला ने होशंगाबाद आईजी और एसपी को दोबारा शिकायत करते हुए डॉग हैंडलर पर पद का दुरूपयोग और भ्रष्टाचार करने सहित हमलापुर में स्थित सरकारी भूमि से लगे प्लाट के बढ़े हिस्से पर कब्जा करने का आरोप लगाया। शिकायत में महिला ने डॉग हेंडलर पर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है।

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान- समर्थन मूल्य बढ़ाने से होगा किसानों को लाभ

बैतूल: डॉग हैंडलर पर शासकीय जमीन पर कब्जे का आरोप, पुलिस में शिकायत

हमलापुर निवासी नजमा सईद ने आईजी और एसपी को की गई शिकायत में बताया कि उसके घर के पीछे कई वर्षों पुराना शासकीय नाला 1500 स्क्वेयर फीट भूमि पर स्थित है। इस पर मोहल्ले का निस्तारी पानी और बारिश का पानी निकलता है। शिकायतकर्ता के अनुसार पुलिस विभाग के डॉग हैंडलर सुखदेव यादव ने नाले के दूसरी तरफ सरकारी भूमि से लगा हुआ प्लाट लिया है और फिर मकान निर्माण किया है। उसके द्वारा लगभग 1500 वर्गफीट नाले की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मकान निर्माण निर्माण कर लिया है। नगमा सईद ने आईजी और एसपी को की गई शिकायत में बताया कि सुखदेव यादव ने अपने पद का दुरूपयोग कर आय से अधिक सम्पत्ति जमा की है आर 60 लाख रूपए का मकान बनाया है। उसके द्वारा कई अन्य प्लाट भी बैतूल जिले में क्रय किए गए हैं। करीब 2 करोड़ रूपए की सम्पत्ति, जेवरात, वाहन भी जमा किए हैं। इस मामले में डॉग हेंडलर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि सुखदेव यादव द्वारा भी नाले पर अतिक्रमण करने से मना किया तो पुलिस विभाग में होने का दावा बनाकर गालियां दी जा रही है। गृह जिले का निवास होने के बावजूद उसे यहां पदस्थ किया गया। पूर्व में भी कलेक्टर और एसपी से इस संबंध में शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब सुखदेव यादव द्वारा अतिक्रमण के विरूद्ध तहसीलदार न्यायालय से स्थगन लेने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल इस मकान का निर्माण कार्य जारी है। उसके द्वारा शिकायत करने पर पुत्रों को अन्य किसी मामले में फंसाने की धमकियां दी जा रही है। आवेदिका ने आईजी और एसपी से उसकी चल-अचल सम्पत्ति के अलावा परिजनों के नाम तारा, साकादेही और बैतूल एवं अन्य स्थानों पर कृषि भूमि खरीदने की जांच की जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।