पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद भी चल रही आरक्षक की मनमानी, 6 महीने से नहीं हुआ आदेशों का पालन

पुलिस अधीक्षक द्वारा 6 महीने पहले आलमपुर में पदस्थ आरक्षक सत्येंद्र को असवार थाना स्थानांतरित किया गया था।

भिंड, सचिन शर्मा। मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के भिंड जिले (Bhind district) में अनोखी खबर सामने आई है जहां एक पुलिस आरक्षक की तानाशाही के आगे पुलिस अधीक्षक का आदेश फीका पड़ता नजर आ रहा है। दरअसल यहां जिले के लहार थाने में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह का आदेश एक आरक्षक के सामने बेअसर हो रहा है। 6 महीने गुजरने के बाद भी ये आरक्षक आज भी उसी थाने में रहकर खुलेआम वसूली करने में लगा हुआ है।

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जानकारी के अनुसार भिंड पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार द्वारा 22 अप्रैल 2021 को थाना आलमपुर में आरक्षक सत्येंद्र आरक्षक नंबर 522 को आलमपुर से थाना असवार एवं असवार थाने में पदस्थ आरक्षक योगेंद्र शर्मा आरक्षक नंबर 265 को थाना असवार से आलमपुर के लिए स्थानांतरण किया गया था। लेकिन पुलिस अधीक्षक के आदेश जारी होने के 6 महीने गुजरने के बावजूद भी इसका कोई असर नहीं हुआ और वह असवार थाने में पदस्थ हो कर खुलेआम वसूली कर रहे हैं। वहीं पुलिस विभाग से जुड़े सूत्र यह बताते हैं की उक्त आरक्षक को चौरई स्टैंड एवं असवार कस्बे में स्टैंड ड्यूटी का चार्ज भी दिया गया है। खबर है कि रोजाना की हो रही कमाई के कारण उक्त आरक्षक को रिलीव नहीं किया जा रहा है।

अब सवाल ये है कि जब पुलिस अधीक्षक का आदेश एक आरक्षक पर अमल नहीं कर रहा है तो थाना प्रभारियों पर कैसे अमल करेगा? अब देखना होगा की पुलिस अधीक्षक भिंड के आदेश की अवहेलना करने वाले इस आरक्षक एवं थाना प्रभारी को किस तरीके से दंडित किया जाता है। बताया जा रहा है कि पूर्व में लहार थाने में इस तरह का मामला सामने आया था जब पुलिस अधीक्षक के आदेश का पालन नहीं किया गया था जिसको लेकर के थाना प्रभारी पर ₹10000 का अर्थ दंड लगाया गया था।