MP News: होली से पहले मनरेगा मजदूरों को बड़ी राहत, खातों में ट्रांसफर 700 करोड़

मनरेगा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। होली (Holi 2021) से पहले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मनरेगा (MANREGA) मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के बीच मनरेगा के मजदूरों के बैंक खातों में 700 करोड़ की राशि ट्रांसफर (Transfer) की गई है। इन कार्यो का पूर्णता प्रमाण-पत्र भी जारी किया गया है। यह जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास (Panchayat and Rural Development) के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव के दी है।

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दरअसल, मनोज श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने बताया कि विगत 10 दिनों में ही मजदूरों के बैंक खाते में 700 करोड़ रूपये की राशि जमा हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में प्राप्त होने वाली अभूतपूर्व राशि है।खास बात ये है कि राज्य में वर्ष 2020-21 में महात्मा गाँधी नरेगा के तहत 6300 करोड़ रूपये से अधिक की मजदूरी का भुगतान 1.33 करोड़ मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते में सीधे किया गया है। राज्य में योजना प्रारंभ होने के उपरान्त मजदूरी में वितरित हुई यह सर्वाधित राशि है।

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मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड काल के दौरान बड़ी संख्या में गाँव लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार (employment) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य की मांग पर भारत सरकार (Indian Government) द्वारा 3 लेबर बजट एवं मजदूरी की राशि में वृद्धि करते हुए 2400 करोड़ रूपये से अधिक की अतिरिक्त राशि राज्य को उपलब्ध कराई गई।

इसके अलावा भारत सरकार द्वारा इस वर्ष राज्य को मनरेगा मजदूरी मद में 6300 करोड़ रूपये से अधिक क राशि उपलब्ध कराई गई, जिसका भुगतान मजदूरों के बैंक खाते में किया गया है। मनरेगा के तहत कोविड काल के दौरान 6 लाख 50 हजार से अधिक परिसम्पत्तियों का सृजन किया गया है। इन कार्यो का पूर्णता प्रमाण-पत्र भी जारी किया गया है।

मनरेगा योजना क्या है

मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना है, इससे पूर्व इस योजना को राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना (एनआरईजीए) नरेगा के नाम से जाना जाता था । इसे केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2 अक्टूबर 2005 को की थी, इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम के अंतर्गत रखा गया था । 31 दिसंबर 2009 को इस योजना के नाम में परिवर्तन करके इसे महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना कर दिया गया।इस योजना को ग्रामीण लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था ।

मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य

  1. जल संरक्षण
  2. सूखे की रोकथाम के अंतर्गत वृक्षारोपण
  3. बाढ़ नियंत्रण
  4. भूमि विकास
  5. विभिन्न तरह के आवास निर्माण
  6. लघु सिंचाई
  7. बागवानी
  8. ग्रामीण सम्पर्क मार्ग निर्माण
  9. कोई भी ऐसा कार्य जिसे केन्द्र सरकार राज्य सरकारों से सलाह लेकर अधिसूचित करती है।