अब मास्क न लगाने वालों की खैर नहीं, होगी चालानी कार्रवाई, देना होगा 500 रुपये फाइन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने भोपाल के सभी एसडीएम को निर्देश दिए है कि कोरोनावायरस की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मास्क को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि मास्क नहीं लगाने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाए और अधिकतम 500 रुपये तक का चालान किया जाए। कोरोना को लेकर पिछले कुछ महीनों से राहत भरी खबरे सामने या रही थी, लेकिन अचानक पिछले दिनों कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के मामलें विदेशों में सामने आने के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर कोरोना को लेकर चिंता बढ़ गई है, भारत में भी केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट रहने और इससे निपटने के इंतजाम करने के निर्देश दिए है वही मध्य प्रदेश में भी अब सख्ती करना जरूरी हो गया है, यही कारण है की अब जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी लोगों को मास्क लगाने और कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दे रहे है, भोपाल मे अब मास्क न लगाने वालों को चालानी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, माना जा रहा है आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों मे कलेक्टर कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने सख्ती कर सकते है।

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 कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर प्रदेश में भी अलर्ट 

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग के अफसरों के साथ बैठक की, वही सरकार ने शत-प्रतिशत संख्या के साथ स्कूल खोलने के फैसले को वापस ले लिया है।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि स्कूल अभी पचास फीसदी क्षमता के साथ ही खुलेंगे। छात्र हफ्ते में 3 दिन ही स्कूल जाएंगे, स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के अफसरों को केंद्र सरकार और डब्ल्यूएचओ के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं, अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी की जाए, बीते 1 महीने में जितने लोग विदेश से आए हैं, उन्हें सर्विलांस पर लिया जाए, ऐसे सभी यात्रियों को ट्रेस किया जाएगा जो संदिग्ध हैं, उन्हें आइसोलेट किया जाए, मुख्यमंत्री ने जिलों में सैम्पल की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है, सभी अस्पतालों में जरूरी दवाइयों का स्टॉक रखने और ऑक्सीजन प्लांट के संचालन पर निगरानी रखने को कहा गया है।