हटाई गई चुनाव आचार संहिता, अब प्रदेश में रफ्तार पकड़ेंगे काम

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भोपाल।  सत्रहवीं लोकसभा और चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के मद्देनजर चुनाव से पहले लागू किये गये आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधान हटा लिये गये हैं। चुनाव आयोग ने केबिनेट सचिव, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा निर्वाचन अधिकारियों को आज पत्र लिख कर यह जानकारी दी। प्रदेश में भी नए कार्य की स्वीकृति सहित अन्य निर्माण कार्यों, शिलान्यास, भूमिपूजन पर रोक लग गई थी। कैबिनेट की बैठक भी इस अवधि में स्थगित रही, लेकिन अब चुनाव आचार संहिता हटते ही सरकारी कामकाज में तेजी आने की संभावना है। विशेष रूप से मप्र में किसानों की ऋण माफी का काम का दूसरा चरण शुरू हो सकता है।

आयोग ने पत्र में लिखा है कि लोकसभा और चार राज्यों आन्ध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधान सभा चुनाव तथा कुछ उप चुनावों को देखते हुए आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधान लागू किये गये थे। अब लोकसभा के साथ साथ अन्य चुनावों के परिणाम भी घोषित कर दिये गये हैं इसलिए आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से हटा लिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता 10 मार्च को लागू की गयी थी। चुनावों के बाद गत 23 मई को मतगणना पश्चात परिणामों की घोषणा की गयी थी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शनिवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को सत्रहवीं लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंप दी थी।