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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। युवाओं (Youth) को लेन देने वाली योजनाओं को बंद कर विवादों में घिरे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan)ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश (Madhya Pradesh) की स्वरोजगार योजनाओं में परिवर्तन लाया जायेगा, जिससे प्रतिभावान युवाओं और गरीब एवं छोटे-छोटे व्यवसाय करने वालों को सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

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इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा है कि देखा गया है कि बड़ी कम्पनियां छोटे-छोटे काम-धंधे भी शुरू कर रही हैं जिससे छोटे व्यवसायियों का रोजगार (Employment) छिन सकता है। लेकिन मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि ऐसे नियम बनाये जायेंगे जिससे कि छोटे व्यवसायियों का काम छिनने नहीं दिया जावेगा।

दरअसल, सोमवार को राज्य स्तरीय ग्रामीण स्ट्रीट वेण्डर्स ऋण वितरण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण पथ विक्रेता निश्चिंत होकर अपना कारोबार करें। उनके आर्थिक सामाजिक सशक्तिकरण (Empowerment) के लिये जहां जरूरत होगी राज्य सरकार (State Government) साथ रहेगी। सरकार का प्रयास है कि पथ विक्रेताओं को रोजगार, सम्मान और सुरक्षा मुहैया करायी जाये ताकि वे स्वाभिमान के साथ अपना व्यवसाय करते हुये आगे बढ़ें और खुशहाल जीवन जियें।

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक समय बैंक से बड़े व्यवसाय करने वालों को ही ऋण मिलता था। बैंक (Bank) लघु व्यवसाय करने वालों को ऋण नहीं देते थे। राज्य सरकार की योजना से लघु व्यवसाय करने वालों को सरकार की गारंटी पर लोन दिलवाया गया है। कोरोना काल में लघु व्यवसायियों का व्यवसाय (Business) बन्द हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  ने शहरी स्ट्रीट वेण्डर्स योजना बनायी और राज्य सरकार ने ग्रामीण स्ट्रीट वेण्डर्स योजना  (Rural street vendors scheme) बनाई।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में रोजगार सरकार का मुख्य लक्ष्य

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश  (Aatmanirbhar Madhya Pradesh) के रोडमैप के अंतर्गत रोजगार मुख्य लक्ष्य है। स्वरोजगार बेहतर है। आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों से जुड़े सदस्यों को भी समुचित ऋण की व्यवस्था की जायेगी, ताकि भाई-बहनें भी अपनी आयमूलक गतिविधियों को सुदृढ़ कर आगे बढ़ सकें। 28 दिसम्बर (December) को 150 करोड़ रूपये राज्य शासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के खातों में डाले जायेंगे। समय पर ऋण वापस करने वाले लघु व्यवसायियों को आगे बढ़ने के लिये पुन: 20 हजार और 50 हजार रूपये तक ऋण उपलब्ध कराने का इंतजाम राज्य सरकार करेगी। योजना को अभियान-आंदोलन स्वरूप में संचालित किया जायेगा।

ऐसे मिलेगा युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि कौशल विकास की ओर ध्यान दिया जायेगा ताकि युवाओं को हुनरमंद बनया जा सके और वे रोजगार में स्थापित हो। लघु और कुटीर उद्योगों का जाल प्रदेश में बिछाया जाएगा जिससे कि लाखों युवाओं को स्वरोजगार मिले। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि हाल ही में एक रेडीमेड गारमेन्ट कम्पनी ने एक यूनिट स्थापित करने की जानकारी दी है जिससे करीब चार हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (Panchayat and Rural Development Department) द्वारा संचालित इस योजना के तहत ग्रामीण शिल्पी और लघु व्यवसायियों को प्रशिक्षण एंव पहचान पत्र दिये जायेंगे जिससे अपना व्यवसाय निरंतर कर वे सम्मान के साथ कार्य कर सकेंगे।

नशे का व्यवसाय करने वालों को नहीं छोड़ा जायेगा

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि हर तरह के अपराधियों, माफिया, गुंडा तत्वों, मसल पावर का इस्तेमाल करने वालों के विरूद्ध राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्हें जेल भेजा है। उनके कब्जे से सरकारी जमीन (Government land) मुक्त करायी गयी है। नशे (Drug) का व्यवसाय करने वालों को नहीं छोड़ा जायेगा। प्रदेश में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गयी है।

हाकर्स जोन बनाये जाएंगे

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शहरों की तर्ज पर गरीब लघु व्यवसायी के लिए गांवों में बाजारों को व्यवस्थित कर हाकर्स जोन बनाये जाएंगे। जहां पथ व्यवसायी सम्मान के साथ बैठकर अपना व्यवसाय कर सकेंगे। जिन स्ट्रीट वेण्डर्स के पास गुमटी ठेला नहीं होगा उन्हें सामान बेचने की सुविधा भी दी जायेगी।पहले लघु व्यवसायी, साहूकारों से ऊँची ब्याज दर पर राशि लेते थे। अब स्ट्रीट वेण्डर्स को इन साहूकारों से पैसा नहीं लेना पड़ेगा। राज्य सरकार ने सूद पर पैसा देने वालों को भी नियंत्रित करने का कानून बनाया है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर पर राशि देने वाले लायसेंस धारक साहूकार ही ब्याज पर पैसा दे सकते है।