रेमडेसिवीर इंजेक्शन की सप्लाई का 50 प्रतिशत अधिकार कलेक्टर को मिला

भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन को छोड़ शेष जिलों के लिए नई गाइडलाइन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार ने रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesvir) को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब कलेक्टर (Collector) को अधिकार दिया गया है कि स्वास्थ्य विभाग को मिलने वाली 50 प्रतिशत सप्लाई में से आधे की आपर्ति उनके द्वारा की जा सकें। इंदौर, भोपाल, उज्जैन और देवास को छोड़ अन्य जिलों में ये नई गाइडलाइन लागू की गई है।

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रेमडेसिवीर इंजेक्शन की 50 प्रतिशत आपूर्ति का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। इंदौर, भोपाल, देवास और उज्जैन को छोड़कर शेष जिलों में कलेक्टर को ये अधिकार होंगे कि वो प्राइवेट अस्पतालो में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की सप्लाई कर सकें। अभी तक चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की आपूर्ति की जा रही है। इसमें से 50 प्रतिशत चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा 50 प्रतिशत संभागीय संयुक्त संचालक के माध्यम से तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिया जाता है। जो 50 प्रतिशत आपूर्ति स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो रही है उसका आधा जिला अस्पताल एवं सरकारी चिकित्सालय तथा शेष आपूर्ति कलेक्टर के माध्यम से की जाएगी। इनमें भोपाल, इंदौर, देवास तथा उज्जैन जिले शामिल नहीं हैं।

प्राइवेट अस्पतालों को रेमडेसिवीर देने का आधार आईसीयू/एचडीयू बेड की आक्यूपेंसी का शत प्रतिशत तथा ऑक्सीजन बेड की आक्यूपेंसी का 15 प्रतिशत रहेगी। प्राइवेट अस्पताल से प्रति रेमडेसिवीर इंजेक्शन के लिए 1568 रूपये लिए जाएंगे। इस तरह नई गाइडलाइन के अनुसार अब स्वास्थ्य विभाग को मिलने वाले 50 प्रतिशत रेमडेसिवीर इंजेक्शन में से आधी सप्लाई का अधिकार कलेक्टर के पास होगा।