पूर्व मंत्री बोले- ट्रांसफार्मर की जगह ट्रांसफर पर ध्यान दे रही सरकार, खुद नही हटी तो जनता हटा देगी

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भोपाल।

बिजली कटौती को लेकर एमपी में जमकर घमासान मचा हुआ है। बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हो गए। विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी लगातार बिजली कटौती को लेकर कमलनाथ सरकार का घेराव कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज और नेता प्रतिप्रक्ष गोपाल भार्गव के बाद अब पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली के ट्रांसफार्मर बदलने के बजाए ट्रांसफर पर ज्यादा ध्यान दे रही है। ये सरकार खुद हट जाएगी और अगर नहीं हटी तो इन्हें जनता हटा देगी।इसके पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ से इस्तीफे की मांग की थी।

दरअसल, आज मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला। मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार बिजली के ट्रांसफार्मर बदलने के बजाए ट्रांसफर पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राज्य सरकार से जनता परेशान है। ये सरकार खुद हट जाएगी और अगर नहीं हटी तो इन्हें जनता हटा देगी।मिश्रा ने खराब ट्रांसफार्मर लगवाने के आरोप पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा अगर हमारी सरकार ने खराब ट्रांसफार्मर लगाए हैं तो कमलनाथ सरकार को छह महीने उन्हें बदलना चाहिए था।

सरकार अपनी अक्षमता नहीं छिपा सकती है: भार्गव 

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि बिजली कर्मचारी असहयोग कर रह रहे हैं, ये कहकर प्रदेश सरकार अपनी अक्षमता नहीं छिपा सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश बिजली में सरप्लस रहा। लेकिन, कांग्रेस सरकार बनते ही कटौती शुरू हो गई। उन्होंने ये भी कहा कि बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ बिजली कर्मचारियों के सहयोग नहीं करने का जो तर्क देते हैं, वह हास्यास्पद है।

कैबिनेट में भी उठ चुका है मुद्दा

बता दे कि सोमवार को कैबिनेट बैठक में बिजली का मुद्दा जमकर गर्माया था। मंत्रियों ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी और इसके लिए बीजेपी को दोषी करार दिया था।जीतू पटवारी ने कहा था बिजली संकट भाजपा की देन है मेंटेनेंस ही नहीं कराया।तुलसी सिलावट ने कहा था कि भाजपा के समय गांवों में ट्रांसफॉर्मर ही नहीं लगे थे, अब लगे हैं तो पता लग रहा है।डॉ. गोविंद सिंह ने कहा था कि खरीदे गए थे घटिया उपकरण, इसलिए आ रही है समस्या।वही ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा था कि भाजपा सरकार की तुलना में कटौती कम हो रही है। जिसको लेकर मिश्रा ने पलटवार किया है।

कमलनाथ ने संकट से निपटने के दिए नए निर्देश

गौरतलब है कि प्रदेश में बिजली संकट को लेकर सरकार चौतऱफा घिर गई है औऱ अब इस पर जमकर सियासत हो रही है। हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस पर सख्त रवैया अपनाया हुआ है और आज ऊर्जा मंत्री और अलग अलग जिलों के बिजली अधिकारियों के साथ मुलाकात की और कड़े निर्देश दिए कि स्थिति में सुधार किया जाए और लोगों की बताए कि प्रदेश में बिजली संकट नही है, ट्रिपिंग की समस्या है जिसे जल्द ही दूर किया जाएगा इसके लिए मुख्यमंत्री ने  आउट सोर्स एजेंसी से भी सेवाएं लेने की बात कही है।साथ ही कहा कि ये भ्रम फैलने से रोके कि प्रदेश में बिजली संकट है।