DGP के खुलासे के बाद अधिकारियों में हड़कंप, समर्थन में उतरी उमा भारती

भोपाल।

एक तरफ प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) विवेक जौहरी (Vivek Johri) की एक चिट्ठी से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वही दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती(Former Chief Minister and senior BJP leader Uma Bharti) ने जौहरी का समर्थन किया है ।कमलनाथ सरकार में डीजीपी (DGP) बनाए गए विवेक जौहरी की उमा भारती (UMA BHARTI) ने खुलकर तारीफ की है। उमा ने कहा पुलिस अफसर ऐसा ही होना चाहिए। उन्होंने बाकी अफसरों को लापरवाह और आलसी बताते हुए उन्हें चापलूसी से बचने की सलाह दे डाली।

उमा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए है। पहले ट्वीट में उमा ने लिखा है कि मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी का वह पत्र जो सार्वजनिक हुआ है उसमें जो तथ्य हैं वह एक सच्चाई है। विवेक जौहरी जैसा ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, साहसी अधिकारी ही इस मुद्दे को उठाने की पात्रता रखता है।अब इस मसले पर हमारे राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एवं स्वयं विवेक जौहरी निर्णय लें एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चापलूसी, राजनीतिक दलों के परिवर्तन के साथ पक्षपात एवं प्रमाद से बचें । इससे राज्य की कानून-व्यवस्था बहुत दुरुस्त रहेगी।

भारती ने आगे लिखा है कि मैं  विवेक जौहरी जी का पूर्ण समर्थन करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान और नरोत्म मिश्रा एवं विवेक जौहरी को आवाहन करती हूं कि मध्य प्रदेश को कानून-व्यवस्था के मसले में मॉडल स्टेट बनाकर दिखाएं।

दरअसल,  दरअसल रविवार को डीजीपी विवेक जौहरी ने अपने आदेश में लिखा है कि स्पेशल डीजी(special DG), एडीजी(ADG) और आईजी रैंक(IG Rank) के वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित समय में अपनी शाखा में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि कामचोर अफसरों के नाम उनको पता है लेकिन उन्होंने इस दस्तावेज में उन अधिकारियों का नाम नहीं लिखा है। उन्होंने कहा कि कामचोर अफसरों के नाम उनको पता है लेकिन उन्होंने इस दस्तावेज में उन अधिकारियों का नाम नहीं लिखा है। डीजीपी जौहरी ने तैयार किये दस्तावेज पर कहा कि इस तरीके की कामचोरी करने से अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इस वजह से उन्होंने पुलिस मुख्यालय के सभी इकाइयों में निर्देश देते हुए कहा है कि शाखा प्रभारी होने के नाते सभी से यह अपेक्षा है कि वे समय पर ड्यूटी पर आएंगे और पूरे ड्यूटी समय में अपने दायित्वों का निर्वाह करें। डीजीपी जौहरी ने तैयार किये दस्तावेज पर कहा कि इस तरीके की कामचोरी करने से अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर इसका बुरा असर पड़ेगा।