छतरपुर: कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पर अस्पताल प्रबंधन को लगाई फटकार

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह शाम पौने 5 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां की अव्यवस्थाएं और स्टाफ की लापरवाही देखकर कलेक्टर आग बबूला हो गए और कंट्रोल सेंटर में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर सहित स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।

छतरपुर, संजय अवस्थी । जिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता की खबर मिलने पर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने शाम करीब पौने 5 बजे जिला अस्पताल में धावा बोल दिया। कलेक्टर की गाड़ी देखते ही कुछ दलाल मौके से भाग निकले। कलेक्टर ने कोविड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। अव्यवस्था मिलने पर आरएमओ, सिविल सर्जन सहित सीएमएचओ को कड़ी फटकार लगाते हुए हिदायत दी कि आइंदा व्यवस्था दुरुस्त न मिली तो कार्यवाही से गुजरने के लिए तैयार रहें।

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह शाम पौने 5 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां की अव्यवस्थाएं और स्टाफ की लापरवाही देखकर कलेक्टर आग बबूला हो गए और कंट्रोल सेंटर में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर सहित स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कलेक्टर ने चौथी मंजिल पहुंचकर भर्ती मरीजों से सुविधाओं की जानकारी ली। यहां के बेड बिना चद्दर के थे जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने मंदिर के सामने बैठे लोगों से कहा कि मास्क और सैनेटाइजर का उपयोग करें तथा मरीज के साथ एक या दो अटेंडर ही रहें। इसके बाद उन्होंने पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड का निरीक्षण करते हुए व्यवस्था देखी।

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ऐसे काम करता है कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 

जिला अस्पताल में कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालित है। इसके माध्यम से होम आईसोलेशन किए गए लोगों से न केवल उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जाती है बल्कि उन्हें आवश्यक सुझाव दिए जाते हैं। नियम के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति को परिवार से अलग रखकर उसके ऑक्सीजन लेवल और अन्य लक्षणों के बारे में वीडियो कॉलिंग कर जानकारी ली जाती है मगर सेंटर के स्टाफ द्वारा ऐसा नहीं किया गया था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अपने सामने कोरोना संक्रमित व्यक्ति के घर फोन लगवाया और स्पीकर में रखकर पूरी जानकारी ली। संक्रमित के परिजनों ने फोन पर बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उनका सदस्य सबके साथ उठता बैठता है। कलेक्टर ने स्टाफ को जमकर फटकारा।