अमानक खाद वितरण मामला, निर्देश के बाद भी नही हुई FIR, आखिर किसका संरक्षण!

जांच में खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने के बाद पुलिस को FIR के लिए पत्र लिखा गया है लेकिन अब तक FIR नहीं हुई है।

FIR

छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले में किसानों को अमानक खाद वितरण मामले में अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कृषि विभाग ने वर्ष 2019 में अमानक खाद की सप्लाई करने वाली कंपनी और खाद की बिक्री करने वाली मातगुवां सहकारी समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है, लेकिन नियमों को दरकिनार करके 250 टन खाद की खरीदी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जांच में खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने के बाद पुलिस को FIR के लिए पत्र लिखा गया है, लेकिन अब तक FIR नहीं हुई है।

कार्रवाई सहकारी समिति तक सीमित

सहकारी समिति के माध्यम से बांटी गई खाद अमानक पाए जाने के बाद कृषि विभाग ने एफआइआर दर्ज कराई है। मातगुंवा थाना में कृषि विस्तार अधिकारी कारपेंटर साडो ने उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1995 की धारा 7 और 19 के तहत सहकारी समिति मातगुंवा और दिव्य ज्योति एग्रो ट्रेड प्राइवेट लिमटेड इंदौर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

सहकारी समिति पर बिना जैविक खाद के लाइसेंस के खाद किसानों को बेचने और खाद निर्माता-सप्लायर कंपनी के खिलाफ अमानक खाद बेचने पर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2019 में रबी सीजन के लिए जिला सहकारी बैंक ने नियम के विरुद्ध अमानक जैविक खाद का सहकारी सोसायटियों के जरिए विक्रय कराया था, जिसके सैंपल फेल होने पर FIR कराई गई है।

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खरीफ 2019 में किसानों को बेची प्रोम खाद

जिले के किसानों को रबी-खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता कराने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में डीएमओ, कृषि, सहकारी बैंक के अधिकारियों की समिति जिले में खाद की मांग के हिसाब से उपलब्धता का निर्णय लेते हैं। उसके आधार पर डीएमओ खाद निर्माता कंपनियों से खाद खरीदकर सहकारी सोसायटियों में भंडारित कराते हैं।

जिसे किसानों को वितरित किया जाता है। लेकिन वर्ष 2019 में खरीफ सीजन के लिए जिला सहकारी बैंक के सीइओ ने सीधे दिव्य ज्योति एग्रो ट्रेड प्राइवेट लिमटेड इंदौर से प्रोम नाम के जैविक खाद का भंडारण सोसायटियों में करा दिया, जिसे किसानों को बेच दिया गया।

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एफआइआर के है निर्देश

कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने नकली खाद के वितरण में जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक केएल रायकवार को दोषी करार दिया है। इसके लिए कलेक्टर ने 11 जनवरी को जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं को आदेश जारी किया है। परंतु उसके बाद भी छतरपुर डीआर अशोक शुक्ला ने महाप्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

जिला सहकारी बैंक के जिलाध्यक्ष करुणेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि उन्होंने खाद की खरीदी में गड़बड़ी की समिति बनाकर जांच कराई है। जांच में खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई है। उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर छतरपुर कोतवाली पुलिस को पत्र लिख दिया है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस को करना है।

नहीं किया गया भुगतान

इस मामले में महाप्रबंधक केएल रैकवार कहना है कि 250 टन जैविक प्रोम खाद का समितियों ने वितरण किया है। कृषि विभाग की जांच में खाद अमानक पाए जाने के बाद खाद का भुगतान रोक दिया गया है। एक भी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने खाद की खरीदी के लिए कोई आदेश नहीं दिया था। उन्होंने इस मामले में कोई गड़बड़ी नहीं की है।

अमानक खाद वितरण मामला, निर्देश के बाद भी नही हुई FIR, आखिर किसका संरक्षण!