Dabra News : 3 दिनों से लापता युवक की हत्या कर जलाया शव, परिजनों ने किया चक्काजाम

Amit Sengar
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Dabra News : डबरा में 3 दिन से लापता युवक का जला हुआ अवशेष ग्वालियर में मिला है युवक शनिवार दोपहर को डबरा से गायब हुआ था जिसकी शिकायत परिजनों ने डबरा सिटी थाना में दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने सरगर्मी से तलाश की और युवक का जले हुए अवशेष ग्वालियर कलेक्ट्रेट के बाद बाहर मिले। प्रथम दृष्टि से मामला हत्या का लग रहा है।

यह है मामला

मीडिया सूत्रों के अनुसार चिराग शिवहरे पुत्र अनिल शिवहरे उम्र 25 वर्ष निवासी ठाकुर बाबा रोड डबरा वार्ड क्रमांक 25 के नई कलेक्ट्रेट की झाड़ियों में जली हुई हालत में अवशेष मिले हैं, चिराग शनिवार दोपहर लगभग 3:00 से गायब था जिसकी लोकेशन रात 8:00 बजे तक डीबी मॉल के आसपास की मिली थी इसके बाद उसका फोन बंद हो गया था, इस घटना को लेकर उसके परिजनों ने युवक की गुमशुदगी डबरा के सिटी थाने में दर्ज कराई थी साथ ही रविवार शाम को शिवहरे समाज आधा से अधिक लोगों ने थाना डबरा सिटी में युवक के ढूंढने की गुहार लगाई थी, जिसमें आरोपी लड़के और उसके पिता को भी पूछताछ के लिए डबरा सिटी में लेकर आई थी, इसके साथ ही शक के दायरे में डबरा की एक लड़की से भी पूछताछ की थी। चिराग अपने पिता की इकलौती संतान थी जिन की दुकान सराफा बाजार स्थित बालाजी कंपलेक्स के पास थी। वही शहर के प्रतिष्ठित दीपक, टीटू, संतोष शिवहरे मृतक चिराग के चाचा है।

हत्यारों ने बुझा दिया अनिल के घर का चिराग

चिराग के हत्या और जलाने की घटना को आरोपी ने कबूल कर ली है आरोपी पुलिस गिरफ्त में है वहीं मृतक के परिजनों ने डबरा में थाने का घेराव कर आरोपियों पर तत्काल f.i.r. और कार्रवाई करने की मांग करते हुए थाने का घेराव किया लेकिन जब मृतक के परिजनों की बात पुलिस प्रशासन ने नहीं मानी तो परिजनों ने सभी समाज के और अन्य लोगों के साथ जाकर सिमरिया टेकरी एनएच 44 पर जाम लगा दिया जो कि 7:30 से लगभग 10:30 बजे तक लगा रहा जाम की स्थिति इतनी हो गई थी कि वह 1 किलोमीटर तक दोनों तरफ से आने जाने वाली गाड़ी खड़ी रही फिलहाल पुलिस ने परिजनों की मांग पर डबरा सिटी थाने में एफ आई आर करने का आश्वासन दे दिया है।
डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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