Dabra : वैक्सीनेशन को लेकर बवाल, SDM और पूर्व पार्षद में विवाद, थाने पहुँचा मामला

डबरा, सलिल श्रीवास्तव। वैक्सीनेशन को लेकर प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है और गांव गांव में जाकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। शनिवार को भी डबरा में वैक्सीनेशन को लेकर अभियान चलाया गया जिसके चलते मुख्य मार्ग पर लोगों से पूछा जा रहा था। इसी दौरान पूर्व पार्षद से एसडीएम (SDM) का का विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि बात अभद्रता से होते हुए हाथापाई तक पहुंच गई। बाद में डबरा सिटी थाने में पूर्व पार्षद सहित तीन लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कर दिया गया है। लगभग 3 घंटे तक ये हाई वोल्टेज ड्रामा चला और बाद में पूर्व पार्षद को थाने से छोड़ दिया गया।

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बता दें कि शनिवार को नगर के मुख्य चौराहे पर डबरा एसडीएम प्रदीप शर्मा, तहसीलदार राम सिंह सिकरवार, तहसीलदार सीताराम वर्मा अपने स्टाफ के साथ वैक्सीनेशन को लेकर लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व पार्षद रमेश साहू वहां से गुजरे तो एसडीएम द्वारा उनसे वैक्सीन लगवाने को लेकर पूछा गया। लेकिन बातचीत के लहजे को लेकर दोनों के बीच गर्मागर्मी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि मामला अभद्रता से लेकर झूमाझटकी तक पहुंच गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्व पार्षद को डबरा थाने लाकर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया। इस मामले में पूर्व पार्षद रमेश साहू, अमन, धर्मेंद्र और विक्रम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि बाद में पूर्व पार्षद को थाने से छोड़ दिया गया। इस पूरे प्रकरण के चलते लगभग 3 घंटे तक थाने पर साहू समाज के लोग और भाजपा नेताओं का जमावड़ा रहा। प्रशासन ने मुख्य मार्ग पर हुई घटना के चलते इस मामले में अपराध दर्ज कराया, लेकिन बाद में पार्षद को छोड़ दिया गया।

घटना के सम्बंध में पूर्व पार्षद का कहना है कि “जब मैं मुख्य चौराहे से होकर गुजर रहा था तो प्रशासनिक अधिकारियों ने वैक्सीन के लिए मुझसे पूछा और काफी अभद्र भाषा का प्रयोग किया जिसका विरोध करने पर मेरी मारपीट की और मुझ पर जबरन झूठा मामला दर्ज कर दिया। मैं इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करुंगा साथ ही न्याय न मिलने पर कोर्ट की शरण लूँगा।” वहीं डबरा एसडीएम प्रदीप शर्मा का साफ तौर पर कहना है कि प्रशासन वैक्सीनेशन को लेकर कार्य कर रहा था। इसी दौरान पूर्व पार्षद से बातचीत के दौरान मामला गरमा गया और थाने तक जा पहुंचा। इस मामले में चार लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया गया है।