दमोह, आशीष कुमार जैन। दमोह (Damoh) जिले का रहने वाला एक युवक कुछ सालों पहले गलती से पाकिस्तान (Pakistan) चला गया था। जिसे वहां जेल में बंद कर दिया था। जो अब वापस अपने घर लौट आया है।

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गौरतलब है कि बारेलाल घर से भागकर ट्रेन पर बैठ कर पाकिस्तान पहुंच गया था। जहां पर करीब 20 माह तक रहने के बाद भारत सरकार के प्रयास से एक बार फिर बारेलाल हिंदुस्तान लौट आया है। दरअसल पाकिस्तान के द्वारा फोटो जारी कर बारेलाल पर भारतीय जासूस होने का शक जताया गया था। और इसके बाद उसकी पहचान दमोह निवासी के रूप में हुई थी। लंबे समय तक पाकिस्तान की यातनाएं सहने के बाद एक बार फिर वह हिंदुस्तान पहुंचकर अपने घर पहुंचा है।

बारेलाल ने बताया कि ट्रेन पर बैठ कर वह पाकिस्तान पहुंच गया था। जहां पर उससे ईटों का काम कराया गया। साथ ही सेना के द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे यातनाएं दी गई। और फिर जेल में बंद कर दिया गया। उससे पाकिस्तान की सेना द्वारा कड़ी पूछताछ भी की गई। लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। घर पहुंचने के बाद बारेलाल के परिजन जहां खुश है तो बारेलाल भी खुश नजर आता है। क्योंकि लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर वह अपनी मातृभूमि पर पहुंचा है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह और कलेक्टर सर राठी के द्वारा किए गए सार्थक प्रयासों और केंद्रीय संस्कृति मंत्री पहलाद सिंह पटेल के प्रयासों के बाद बारेलाल को दमोह लाया जा सका है। ऐसे हालात में जब भारत पाकिस्तान के बीच कुछ भी ठीक नहीं है। ऐसे में भारत के निवासी बारेलाल का सही सलामत घर लौट आना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। क्योंकि हमारा पड़ोसी मुल्क भारतीयों के साथ क्या जुल्म करता है। यह किसी से छिपा नहीं है ऐसे में बारेलाल के वापस लौटने पर परिजन और ग्रामीण भी खुश नजर आते हैं।