Datia News: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी, ओवरलोड ट्रैक्टर चालकों को नहीं पुलिस का भय

प्रभारी जिला खनिज अधिकारी घनश्याम यादव का कहना है कि हम निरंतर कार्रवाई कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। यदि ट्रैक्टर वाले नहीं मानते तो हम क्या करें।

दतिया, सत्येंद्र रावत। दतिया जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन निरंतर जारी है ,जिले की सड़कों पर रेत से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर कभी भी और कहीं भी देखे जा सकते हैं। ओवरलोड ट्रैक्टर वालों को जनप्रतिनिधि या पुलिस का भी कतई भय नहीं है। उन्हें किसी हादसे का भी डर नहीं है। चाहे इलाका सुनसान हो या भीड़भाड़ से भरा, रेत से भरे ट्रैक्टर फुल स्पीड में दो पहियों पर दौड़ते हुए चले जाते हैं। इन्हें किसी हादसे का डर भी नहीं सताता।

यह बात इस बात से सिद्ध होती है कि बीती रात सेंवढ़ा अनुविभाग के सबसे बड़े कस्बे थरेट के बस स्टैंड पर रामलीला का मंचन हो रहा है। सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष राम लीला का आनंद लेने रामलीला देखने पहुंचे हैं, और वह सड़क के दोनों ओर बैठे हुए है तभी सेंवढ़ा की तरफ से रेत से भरा हुआ ट्रैक्टर आता हुआ दिख रहा है। जिसके आगे के दोनों पहिए सड़क से लगभग एक से डेढ़ फुट ऊपर उठे हुए हैं, ट्रैक्टर पिछले दो पहियों पर दौड़ रहा है।

Read More: कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा पर कमल पटेल का बड़ा बयान, बताया- कब घोषित होंगे परिणाम

ट्रैक्टर के आगे पुलिस की गाड़ी भी जाती हुई दिख रही है। इससे यह बात भी सिद्ध होती है की ओवरलोड वाहन वालों को पुलिस से भी कोई भय नहीं है। ऐसी स्थिति में यदि ड्राइवर ने थोड़ा भी संतुलन खो दे तो यह बड़ा हादसा भी हो सकता है। दूसरा किस्सा 14 मार्च का है। जहां सेंवढ़ा के विधायक कुंवर घनश्याम सिंह अपनी विधानसभा के दौरे पर निकले हैं, विधायक जी की गाड़ी के सामने एक ट्रैक्टर आता हुआ नजर आ रहा है इसके आगे के दोनों पहिये उठे हुए हैं यह देख कर विधायक जी अपनी गाड़ी पीछे हटा कर एक तरफ खड़ी कर देते हैं।

विधायक जी ने जब एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ के संवाददाता सत्येन्द्र रावत से बात करते हुए इस बात की स्वीकृति भी दी है।
और उन्होंने कहा है यह बात पूर्णतया सत्य है कि सेंवढ़ा विधानसभा क्षेत्र और जिले में ओवरलोड ट्रैक्टर चल रहे हैं। इस पर प्रभारी जिला खनिज अधिकारी घनश्याम यादव का कहना है कि हम निरंतर कार्रवाई कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। यदि ट्रैक्टर वाले नहीं मानते तो हम क्या करें। यह बात सही है कि जब तक कोई खनिज अधिकारी जिले में नहीं आता तब तक यह रवैया शायद ऐसे ही चलने वाला है क्योंकि प्रभारी प्रभारी होता है। जिले को फुल फ्रेश खनिज अधिकारी की आवश्यकता है।