बाल कांग्रेस पर नरोत्तम का कटाक्ष, दिग्गी-कमलनाथ जैसे होंगे टीचर तो कैसे होंगे एडमिशन!

नरोत्तम ने कहा कि यदि उनकी क्लास में कमलनाथ व दिग्विजय जैसे वयोवृद्ध शिक्षक होंगे तो एडमिशन लेने वाले कम और टीसी कटाने वाले ज्यादा होंगे।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

दतिया, सत्येन्द्र सिह रावत। मध्य प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (MP Home and Jail Minister Dr. Narottam Mishra) ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) द्वारा बाल कांग्रेस बनाए जाने को लेकर कटाक्ष किया है। उनका कहना है कि जिस क्लास में कमलनाथ व दिग्विजय जैसे शिक्षक होंगे वहां एडमिशन कम होंगे टीसी ज्यादा कटेंगी।

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने रविवार को एक नए प्रकोष्ठ बाल कांग्रेस का शुभारंभ हुआ। बाल कांग्रेस बनाने का विचार कमलनाथ के मन में आया और यह मूलत पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के समय बनाई गई वानर सेना से उपजा है। बाल कांग्रेस में 16 से लेकर 20 साल तक के सदस्य शामिल किए जाएंगे और इन्हें इतिहास की जानकारी देकर भविष्य की राजनीति के लिए तैयार किया जाएगा। कमलनाथ का मानना है कि बाल कांग्रेस में प्रवेश लेने वाले किशोर आने वाले समय में देश की राजनीति को सही दिशा और दशा दे सकेंगे।

बाल कांग्रेस का गठन बूथ, मंडल और सेक्टर स्तर पर किया जाएगा। पूर्व मंत्री बाला बच्चन को बाल कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। कमलनाथ के बाल कांग्रेस बनाने पर प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने चुटकी ली है। उनका कहना है कि “बाल दिवस के मौके पर आज कांग्रेस नेतृत्व को इस बात पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि आज उनकी क्लास में एडमिशन कौन और क्यों लेगा! नरोत्तम ने कहा कि यदि उनकी क्लास में कमलनाथ व दिग्विजय जैसे वयोवृद्ध शिक्षक (Teacher) होंगे तो एडमिशन (Admission 2021) लेने वाले कम और टीसी (TC) कटाने वाले ज्यादा होंगे।”

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वहीं कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि बाल कांग्रेस के प्रकोष्ठ का गठन कांग्रेस (MP Congress) के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और इसके दूरगामी परिणाम होंगे। कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का कहना है कि बाल कांग्रेस के माध्यम से किशोर न केवल देश के इतिहास का सही ढंग से अध्ययन कर सकेंगे बल्कि राजनीति का ककहरा सीखकर भविष्य के लिए एक ही योग्य नेतृत्व तैयार करने में भी बाल कांग्रेस मील का पत्थर साबित होगी।