MP पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों ने निकाली रैली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Amit Sengar
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MP News : धार जिले में पटवारी चयन परीक्षा में हुए घोटाले को लेकर छात्र द्वारा गुरुवार दोपहर के समय शहर में प्रदर्शन करते हुए पहले रैली निकाली। इसके बाद एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम का तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। वहीं त्रिमूर्ति चौराहे पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।

अभी हाल ही में मार्च-अप्रैल 2023 में एमपी में ग्रुप 2 के अंतर्गत पटवारी व अन्य परीक्षाओं का आयोजन किया गया, जिसका परिणाम 30 जून को प्रकाशित किया गया। इस परिणाम में वृहद स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। जिसका उदाहरण ईएसबी की तरफ से जारी की गई टॉप 10 की लिस्ट हैं। टॉप 10 में से 8 छात्र ग्वालियर चंबल संभाग से हैं, जिनमें से 7 का सेंटर एक ही कॉलेज था। उस कॉलेज का नाम एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट हैं, जो कि भिंड से भाजपा विधायक संजीव कुशवाह का हैं, इसके अलावा अन्य 20 से 30 टॉपर्स भी इसी कॉलेज के है।

गौरतलब है कि अधिकतम टॉपर्स की एक बात समान हैं, कि उन्होंने अपने हस्ताक्षर हिंदी में किए हैं, और वो भी स्पष्ट रुप से अपना नाम लिखा हैं, जबकि शिक्षित छात्र हिंदी में नाम वाले हस्ताक्षर कभी नहीं करते है। ये सोची समक्षी रणनीति के तहत किया गया हैं, ताकि कोई अन्य व्यक्ति या सॉल्वर इतने सरल हस्ताक्षर आसानी से कर सके और एग्जाम दे सके। एक ही एग्जाम सेंटर से इतने टॉपर्स निकले हैं, पर कोई इंटरव्यू से लेकर कोचिंग सेंटर का नाम सामने नहीं आए है। साथ ही हर शिफ्ट के 3 से चार प्रश्न कैंसल किए गए हैं, जबकि वो एकदम सही हैं, इससे घोटाले और भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाए है वे लम्बे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे लेकिन इसका परिणाम आने के बाद उन्हें पता चला की इसमें जमकर धांधली हुई है अब उन्होने मांग की है कि इसकी सही तरीके से जांच करवाई जाए।
धार से मो अल्ताफ़ की रिपोर्ट

Students took out a rally and handed over memorandum regarding rigging in MP Patwari recruitment exam

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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