महेन्द्र सिंह सिसौदिया

गुना, डेस्क रिपोर्ट। सिंधिया समर्थक मंत्रियों (Scindia supporter minister) के बिगड़े बोल थमने का नाम नहीं ले रहे। अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodia) विकास कार्यों को लेकर कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी में दिखाई दे रहे हैं। गुना जिले की पर्यटन नगरी बजरंगगढ़ की मुख्य सड़क को स्वीकृत कराने के लिए उन्होने नियम और कानून तोड़ने की भी इजाजत अफसरों को दे दी। ये बात खुद मंत्रीजी ने उस समय की जब वो सड़क का भूमि पूजन करने के लिए बजरंगढ़ पहुंचे थे।

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पंचायत मंत्री सिसोदिया ने कहा कि इस सड़क को बनवाने के लिए उन्होंने क्या-क्या नहीं किया। जब पंचायत के अधिकारियों ने उन्हें बजट नहीं होने की बात कही तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया था कि “चाहे नियम तोड़ो, कानून तोड़ो..ये सड़क तो मुझे चाहिये।” तब जाकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के यह 8 करोड़ों रुपए की लागत से सड़क स्वीकृत हुई है। पंचायत मंत्री के सरेआम दिए गए इस बयान के बाद नियम कानून के पालन को लेकर नई बहस छिड़ सकती है। जब एक मंत्री खुद कह रहे हैं कि नियम और कानून तोड़ तो तो उसके बाद बयान का विवादास्पद रूप लेना स्वाभाविक है। सिंधिया समर्थक मंत्री का यह बयान इसलिए भी चर्चाओं में आ रहा है क्योंकि उनके ही समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर पहले पेट्रोल डीजल को लेकर लोगों को साइकिल से सब्जी मंडी जाने की हिदायत दे चुके हैं। इससे पहले उज्जैन जिले से विधायक और स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार अभिभावकों को मरने तक की सलाह दे दी थी। इस तरह कुछ मंत्रियों के लगातार आ रहे विवादास्पद बयानों से विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दे मिल रहे हैं।