दिग्विजय सिंह

गुना, संदीप दीक्षित। क्लब हाउस चैट के मामले में भाजपा के निशाने पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (former cm digvijay singh) ने आज गुना (guna) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) को सत्यानाशी बता दिया। दिग्विजय ने तल्ख मिजाज का इस्तेमाल करते हुए कहाकि उन्होंने पहले ही समझाया था कि ये जहां-जहां जाएंगे सत्यानाश कर देंगे। दिग्विजय देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी राय रख रहे थे। इसके बाद उनके बोल बिगड़ गए।

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क्लब हाउस चैट पर स्पष्टीकरण देते हुए दिग्विजय ने कहा कि भाजपा की आईटी मीडिया सेल ने एक ग्रुप बनाकर क्लब हाउस चैट का वह हिस्सा डाल दिया, जो अधूरा था। इसकी वजह से गलतफहमी हुई। ट्विटर पर बनाए गए फर्जी एकाउंट पर सिर्फ 24 लोग फॉलोअर थे। इसके बाद शून्य हो गए। दिग्विजय ने कहाकि वह इस मामले में भोपाल में सायबर सेल को शिकायत दर्ज कराएंगे और दिल्ली में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को भी जानकारी देंगे। दिग्विजय ने यह भी जोड़ा कि कश्मीर समस्या का समाधान अटलजी के बताए तरीके से हो सकता है। जिसमें उन्होंने जम्हूरियत, इंसानियत और कश्मीरियत के जरिए कश्मीर को खुशहाल बनाने का रास्ता बताया था। जबकि नरेंद्र मोदी ने गुपकार गैंग को अपने घर बुलाकर समस्या का समाधान जानने की कोशिश की। जो लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, दिग्विजय उन्हें घर बुलाकर चाय पिलाते हैं। दिग्विजय ने यह भी जोड़ा कि धारा 370 में निर्धारित 97 में से 94 प्रावधान कांग्रेस पहले ही हटा चुकी थी। अगर सरकार आती तो 3 और हट सकते थे।

ट्विटर पर दिग्विजय सिंह खिलाफ बढ़ रही बयानबाजी पर उन्होंने कहाकि मुझे पाकिस्तानी-तालिबाजी समर्थक बताया जा रहा है अगर मैं ऐसा हूं तो केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, मुझपर मुकद्दमा दर्ज क्यों नहीं किया जाता है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी है कि अगर प्रमाण है तो उनपर मुकद्दमा दर्ज करें। नहीं तो यह भाजपा का निकम्मापन है।

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राम मंदिर ट्रस्ट मामले में दिग्विजय सिंह अपने रुख बरकरार है। चम्पतराय की अगुवाई में ट्रस्ट को भ्रष्टाचारी बताते हुए दिग्विजय ने मांग की है कि तुरंत ट्रस्ट को भंग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराना चाहिए। वहीं भ्रष्टाचार के मामलों को देखते हुए रामानंद ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण की अगुवाई सौंपी जाना चाहिए। इसके अलावा 1970 से अब तक विश्व हिंदू परिषद द्वारा उगाए गए चंदे की भी जां होनी चाहिए।

कोरोना मामले में दिग्विजय सिंह ने केंद्र व राज्य सरकारों को पूरी तरफ विफल बताया। दिग्विजय ने कहाकि साल 2020 में राहुल गांधी ने आगाह किया था कि कोरोना की सुनामी आने वाली है। तब संसद में उनका मजाक उड़ाया गया। हालात सबके सामने हैं। दिग्विजय ने बताया कि केवल गुना और अशोकनगर जिले में मौत के आंकड़े गलत बताए गए। गुना में सिविल सर्जन ने खुद 471 मौतों की सूची दी है। वहीं सिंधिया अशोकनगर में अपने दौरे पर 250 लोगों को श्रद्धांजलि दे चुके हैं। कोरोना को लेकर शिवराज सरकार द्वारा एक लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने को भी दिग्विजय सिंह कोरी घोषणा बताते हुए कहाकि सिर्फ एक जून 2021 के बाद होने वाली मौत पर मुआवजा देने की बात कही जा रही है। इससे पहले वालों को क्यों नहीं मिलेगा?

दिग्विजय ने कोरोना महामारी नियंत्रण में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की प्रशंसा की है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक बाइडेन ने कोवीशील्ड वैक्सीन बनाने के लिए निर्यात किए जाने वाले मटैरियल पर रोक लगा दी थी। काफी मिन्नतों के बाद यह मटेरियल दिया गया। जबकि हमारे देश में वेंटीलेटर चलाने वाले ट्रेंड लोग ही नहीं हैं। दिग्विजय ने कहाकि 90 प्रतिशत मौतें वेंटीलेटर पर इसलिए होती हैं। क्योंकि हमारे यहां ट्रेंड लोग वेंटीलेटर नहीं चला रहे हैं।