ऊर्जा मंत्री की दो टूक- हर हाल में 15 महीने में धरातल पर लाएँ यह प्रोजेक्ट

ऊर्जा मंत्री

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आगामी चुनावों को देखते हुए शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने रुके हुए विकासकार्यों में तेजी करना शुरु कर दिया है।आए दिन मंत्री अपने विभागों और प्रभार जिलों की बैठक ले रहे है और काम में तेजी के निर्देश दे रहे है। इसी कड़ी में रविवार को ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर (Gwalior) शहर की प्रस्तावित दीर्घकालिक पेयजल योजना की समीक्षा की और निर्देश दिए ग्वालियर शहर की दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए चंबल प्रोजेक्ट (Chambal Project) को हर हाल में 15 माह के भीतर धरातल पर लाएँ।

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ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) ने कहा कि  शहर की तात्कालिक पेयजल आपूर्ति के लिये पुख्ता रणनीति बनाएँ, जिससे शहर की किसी भी बस्ती में पेयजल की किल्लत न रहे। चंबल प्रोजेक्ट के टेण्डर इत्यादि की कार्रवाई जल्द से जल्द पूर्ण करें। साथ ही मुरैना जिले के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर रखें, जिससे 15 माह के भीतर चंबल का पानी ग्वालियर पहुँच सके। उन्होंने नगर निगम आयुक्त एवं जिला कलेक्टर से कहा कि वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर करें। इससे शहर के हर घर में पानी पहुँचे। पानी की बर्बादी कदापि न होने पाए।

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ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में निर्देश दिए कि शहर की पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिये अपर ककैटो – ककैटो – पहसारी जलाशयों से तिघरा को भरने के लिये जल्द से जल्द पानी लाया जाए। उन्होंने तिघरा जलाशय का कैचमेंट एरिया बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही कहा कि शहर की पानी की टंकियां प्रॉपर रूप से भरी जाएं।  तोमर ने भरोसा दिलाया कि पेयजल आपूर्ति के लिये सरकार धन की कमी नहीं आने देगी।