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मंत्री के भोपाल पहुंचते ही ग्वालियर का पीआईयू अधिकारी निलंबित

Written by:Atul Saxena
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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का ग्वालियर दौरा पीआईयू (PIU) के अधिकारी के लिए भारी पड़ गया। बताया जा रहा है कि जीआर मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों द्वारा पीआईयू के सहायक यंत्री की शिकायतें मंत्री जी से की गई थी जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया और उनके भोपाल पहुँचते ही पीआईयू के सहायक यंत्री प्रदीप अष्टपुत्रे का निलम्बन (PIU assistant engineer suspended) आदेश ग्वालियर(Gwalior News)  पहुँच गया।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग (Medical Education Minister Vishvas Sarang) कल रविवार को ग्वालियर के दौरे पर थे। उन्होंने ग्वालियर में बन रहे 1000 बिस्तर के अस्पताल के अंतर्गत 100 बिस्तर के अस्पताल की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कुछ बातों पर मंत्री ने नाराजगी जताई तो मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ एसएन अयंगार, डीन डॉ समीर गुप्ता सहित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना के इंचार्ज पीआईयू के सहायक यंत्री प्रदीप अष्टपुत्रे किसी की सुनते ही नहीं है। मंत्री ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की।

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उधर मंत्री विश्वास सारंग भोपाल पहुंचे इधर सोमवार की शाम होते होते प्रदीप अष्टपुत्रे का निलंबन आदेश शासन ने जारी कर दिया। चर्चा है कि ये मंत्री जी की नाराजगी का ही असर है। हालाँकि निलंबन आदेश में पीआईयू के सहायक यंत्री एवं प्रभारी संभागीय परियोजना अधिकारी प्रदीप अष्टपुत्रे पर गंभीर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।

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आदेश में पुराना भवन तोड़कर उसकी नीलामी से आय होने की जगह 80 लाख रुपये के भुगतान, कारण 1 करोड़ रुपये  के मलबे की अफरा तफरी, 7 मंजिल के भवन की जगह 9 मंजिल के भवन की डिजायन का अनुमोदन जिससे शासन पर 40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार जैसे आरोप है।

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आदेश में प्रदीप अष्टपुत्रे की परियोजना यंत्री अजय जैन को प्रभारी संभागीय परियोजना यंत्री का चार्ज सौंपा गया है।  अजय जैन अतिरिक्त परियोजना संचालक कार्यालय पीआईयू ग्वालियर में ही पदस्थ हैं।

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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