पीएम की अपील का मासूम पर असर, पिता की शर्ट के कपड़े से “मास्क” बनाकर बेटी ने बांट दिये मोहल्ले में

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील कुछ लोग नजरअंदाज करते हैं तो कुछ लोग इस पर राजनीति करते हैं लेकिन शहर की एक बेटी ने एक उदाहरण से ये प्रमाणित किया है कि यदि आपकी सोच सकारात्मक है तभी आप देश और समाज के हित में सोच सकते हो।

ग्वालियर शहर के शिवपुरी लिंक रोड पर बसा है आदिवासियों का पुरा। शहर के नजदीक होने के बावजूद कोरोना महामारी के संक्रमण से बचने के लिए सबसे जरूरी चीज मास्क इस पुरे में अधिकांश परिवार के पास नहीं। इनके गरीब आदिवासी और मजदूर परिवारों के पास ना इतनी जागरूकता है ना ही पैसा कि मास्क की व्यवस्था करें। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मास्क को लेकर मच रहे विरोधियों के हल्ले के बीच अपील की थी कि मुँह को कवर करने के लिए घर का बना मास्क भी उपयोग में लाया जा सकता है। उसके बाद कुछ टीवी चैनल्स ने घर में मास्क बनाने के तरीके भी बताये। इसी बीच यहाँ रहने वाली 13 साल की रजनी बघेल को उसके पिता ने एक शर्ट का कपड़ा दिया और बेटी से कहा मेरे लिए शर्ट सिल दे। दरअसल ये कपड़ा रजनी के पिता को किसी समाजसेवी ने भेंट किया था। रजनी ने जब कपड़ा फैलाया तो उसके दिमाग में प्रधानमंत्री की कही बात। और अपने क्षेत्र की स्थिति दोनों एक साथ आ गई उसने कपड़े की शर्ट ना बनाते हैं उसके छोटे छोटे टुकड़े किये और खूब सारे मास्क बना दिये। मास्क बनाने के बाद उसने सबसे पहले खुद पहना, भाई बहन को पहनाए और फिर बस्ती के सभी बच्चों को बांट दिये। रजनी इस बात का पता उसके पिता को चला तो उनका सीना गर्व से फूल गया उन्होंने बेटी को सीने से लगा लिया।

बहरहाल रजनी की ये बात है कहने को है तो बहुत सामान्य लेकिन इसमें कई संदेश छिपे हैं। एक तो ये कि पढ़े लिखे और पैसे वाले इंसान को ये बिलकुल नहीं सोचना चाहिए कि समझदारी सिर्फ उसके ही पास है बिना पढ़ा या कम पढ़ा लिखा और गरीब समझदार नहीं हो सकता, दूसरा उन लोगों के लिए तमाचा है जो महामारी में भी समाज की मदद करने की जगह उसकी कमियां निकाल रहे हैं, यदि आप सकारात्मक सोच रखते हैं तो आप किसी भी हालात में समाज की और देश की मदद कर सकते हैं।

पीएम की अपील का मासूम पर असर, पिता की शर्ट के कपड़े से "मास्क" बनाकर बेटी ने बांट दिये मोहल्ले में