व्यापार मेला: ग्वालियर कलेक्टर ने घटाई अवधि, अब 28 मार्च को होगा समाप्त

ग्वालियर कलेक्टर

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस (Coronavirus) को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन (Gwalior Administration) ने बड़ा फैसला लिया है।ग्वालियर कलेक्टर (Gwalior Collector)  ने व्यापार मेला की अवधि घटा दी है। अब 15 अप्रेल की जगह यह मेला होली(Holi 2021) से ठीक एक दिन पहले यानि 28 मार्च को समाप्त हो जाएगा। इस संबंध में ग्वालियर कलेक्टर कैशलेन्द्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर दिए है।

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दरअसल, मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कोरोना महामारी के बढ़ते प्रसार को देखते हुए प्रशासन को पत्र लिख व्यापार (Gwalior Trade Fair) मेले को बंद करने की अनुशंसा की थी। इस पत्र पर विचार करते हुए ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह(Gwalior Collector Kaushalendra Vikram Singh) ने ये फैसला लिया।

ग्वालियर कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा की जिले में 15 फरवरी से 15 अप्रैल तक ग्वालियर मेले का आयोजन किया जा रहा है। कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के नियम को प्रभावित करते हुए ग्वालियर व्यापार मेला को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने पत्र जारी कर मेला व्यापारियों को निर्देशित किया की वे 28 मार्च की शाम तक सभी दुकानों को खाली कर दें।

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बता दे कि इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shiavraj Singh Chauhan), केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar)और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने 15 फरवरी को किया था।वही व्यापारियों और आमजन को कई छूट भी दी गई थी।

गौरतलब है कि ग्वालियर का व्यापार मेला सन् 1905 से अद्भुत पहचान लिए हुए है। इस मेले की शुरूआत कैलाशवासी माधवराव सिंधिया प्रथम ने की थी। 100 वर्षों से अधिक समय से लग रहे इस ऐतिहासिक एवं प्राचीन मेले की शुरूआत सिंधिया परिवार के पूर्वजों द्वारा की गई थी। यह मेला एक पशु मेले के रूप में शुरू किया गया था, जिसका धीरे-धीरे विस्तार कर स्व. माधवराव सिंधिया ने व्यापार मेले के रूप में पहचान दिलाई। मेले की पूरे देश में एक अपनी छवि एवं पहचान रही है।

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